रायपुर.
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने कहा, फेडरेशन द्वारा 7 जुलाई को मुख्य सचिव विकास शील को पत्र भेजा गया गया था कि कैशलैस चिकित्सा सुविधा योजना लागू करने से पूर्व कर्मचारी संगठनों से विस्तृत विचार-विमर्श किया जाए, ताकि योजना कर्मचारियों के हितों के अनुरूप, व्यवहारिक एवं प्रभावी रूप से लागू की जा सके.
बजट घोषणा के कई माह बाद भी राज्य शासन द्वारा शासकीय कर्मचारियों के लिए कैशलैस चिकित्सा सुविधा योजना को लागू करने के लिए 29 जुलाई को मंत्रालय कमचारी में साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की योजना के संचालन संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश, पात्रता, अस्पतालों का पंजीयन, उपचार प्रक्रिया और अन्य महत्वपूर्ण प्रावधान जारी नहीं होने से कर्मचारियों के बीच भ्रम और असमंजस की स्थिति बनी हुई है. इसीलिए योजना लागू करने से पूर्व कर्मचारी संगठनों के सुझाव प्राप्त करना आवश्यक है. मुख्य सचिव द्वारा इस विषय को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग को कर्मचारी संगठनों के साथ बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं.
उनके निर्देशों के पालन में स्वास्थ्य सचिव द्वारा 29 जुलाई को मंत्रालय में बैठक आयोजित की गई है. जिसमें कैशलैस चिकित्सा सुविधा योजना के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की जाएगी. कैशलेस चिकित्सा व्यवस्था शुरू होने से कर्मचारियों और अधिकारियों को काफी हद तक फायदा मिलेगा. बीमारी की स्थिति में तत्काल और बेहतर इलाज मिलने से उनकी मुश्किलें दूर होंगी.
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