दीपक की कलम से

 

“दीपक की कलम से” में लेखक दीपक अरोड़ा के विचार, अनुभव, सामाजिक चिंतन, राजनीतिक विश्लेषण और समसामयिक विषयों पर लिखे गए विशेष लेख प्रकाशित किए जाते हैं। यह मंच सार्थक संवाद, नई सोच और जागरूक दृष्टिकोण को समर्पित है।

देश किस दिशा में जा रहा है?

लेखक: दीपक अरोड़ा आज 2 अक्टूबर है—महात्मा गांधी की जयंती। वह दिन, जब हमें सत्य, अहिंसा, लोकतांत्रिक संवाद और असहमति…

2 weeks ago

भारत की आयरलैंड से 2-0 हार: सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, पूरी रणनीति सवालों के घेरे में

दीपक अरोड़ा का निष्पक्ष विश्लेषण भारत का आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज़ 2-0 से हारना सिर्फ एक सीरीज़ हारना नहीं…

4 months ago

आयरलैंड से हार सिर्फ एक मैच नहीं, टीम इंडिया के लिए बड़ा चेतावनी संकेत

टी20 विश्व कप जीतने के बाद भारतीय टीम से उम्मीद थी कि वह उसी आत्मविश्वास के साथ अपने नए अभियान…

4 months ago

क्या हमारी संवेदनाएँ मर रही हैं? समाज के लिए एक आईना

पिछले कुछ महीनों में देश के सामने ऐसी कई घटनाएँ आई हैं जिन्होंने केवल कानून-व्यवस्था पर नहीं, बल्कि हमारे समाज,…

4 months ago

डार्क ह्यूमर के दौर में हम समाज को क्या परोस रहे हैं?

दीपक अरोड़ा की कलम से आज का दौर कंटेंट का दौर है। हर हाथ में मोबाइल है, हर स्क्रीन पर…

4 months ago

मालवीय नगर अग्निकांड: आखिर इन 21 मौतों का जिम्मेदार कौन?

3 जून 2026 की सुबह दिल्ली के मालवीय नगर में जो हुआ, वह सिर्फ एक आग नहीं थी। वह 21…

5 months ago

नीट पेपर रद्द होने के बाद सबसे बड़ा सवाल – बच्चों के भविष्य की कीमत कौन चुकाएगा?

नीट परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों के भविष्य, मानसिक तनाव और शिक्षा व्यवस्था की जवाबदेही पर एक गंभीर विचार।…

5 months ago