हरियाणा

Painful: हाईवे पर खड़े ट्रक से टकराई कार, भीषण हादसे में तीन की मौत; भैया दूज पर बेटियों के पास गया था परिवार

Painful: हरियाणा के रोहतक जिले में एक भयानक सड़क हादसा हुआ है, जिसमें एक ही परिवार के तीन सदस्यों की जान चली गई। यह हादसा नेशनल हाईवे 152डी पर रविवार रात को हुआ, जब एक कार अंधेरे में खड़े ट्रक से टकरा गई। इस दुर्घटना ने स्थानीय समुदाय को हिला कर रख दिया है और हर कोई इस दर्दनाक घटना की चर्चा कर रहा है।

जानकारी के अनुसार, विजय (44) अपनी पत्नी सरिता (42) और बेटे दिग्विजय (11) के साथ जींद से लौट रहे थे। विजय एक शिक्षक हैं और गुढ़ान गांव के निवासी हैं। उनका परिवार दो हिस्सों में बंटा हुआ था, क्योंकि उनकी बेटियाँ जींद में पढ़ाई कर रही थीं। दिवाली के मौके पर सरिता अपने बेटे के साथ गुढ़ान आई थीं। भैयादूज पर विजय और सरिता ने अपने बेटे दिग्विजय को लेकर जींद में अपनी बेटियों के पास गए थे, ताकि वे भाई-बहन को तिलक कर सकें।Painful

हादसे का समय

देर रात करीब नौ बजे जब वे घर लौट रहे थे, तब अचानक दुर्घटना घटित हुई। नेशनल हाईवे 152डी पर बसाना और कलानौर के बीच एक ट्रक खड़ा था, जो अंधेरे के कारण कार को नजर नहीं आया। कार की गति तेज थी, और टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। यह घटना इतनी गंभीर थी कि तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।Painful

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण और राहगीर मौके पर इकट्ठा हो गए। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी और शवों को कार से निकालने में मदद की। कलानौर थाना प्रभारी सुलेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और उसे जल्द ही गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है। इस घटना ने पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ा दी है।

पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शवों को परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। हादसे की गहन जांच के लिए पुलिस ने विशेष टीम गठित की है, ताकि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उचित कदम उठाए जा सकें।Painful

दुखद पारिवारिक पृष्ठभूमि

विजय, सरिता और दिग्विजय का परिवार न केवल रोहतक बल्कि जींद के लोगों के बीच भी जाने जाते थे। विजय ने हमेशा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए काम किया और अपने छात्रों के लिए एक प्रेरणा स्रोत बने रहे। उनकी पत्नी सरिता एक समर्पित मां थीं, जो अपने बच्चों की शिक्षा को लेकर हमेशा गंभीर रहती थीं। दिग्विजय अपने छोटे भाई-बहनों के साथ खेलने और पढ़ाई करने में बहुत रुचि रखते थे।Painful

स्थानीय समुदाय का समर्थन

इस भयानक हादसे के बाद, गांव के लोग एकजुट हो गए हैं और शोक संतप्त परिवार के प्रति सहानुभूति प्रकट कर रहे हैं। कई स्थानीय नेता और सामाजिक कार्यकर्ता भी परिवार की मदद के लिए आगे आए हैं। उनके साथ मिलकर, गांव वाले एक स्मृति सभा का आयोजन करने की योजना बना रहे हैं, जहां वे इस परिवार को श्रद्धांजलि देंगे।Painful

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