हरियाणा: बड़ी इंडस्ट्रियल एरिया को मिलेगी बिजली संकट से राहत, दो नए 33 केवी पावर हाउसों का निर्माण तेज

हरियाणा के बड़ी औद्योगिक क्षेत्र में बिजली आपूर्ति को लेकर लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। क्षेत्र में 33 केवी क्षमता के दो अत्याधुनिक पावर हाउसों का निर्माण तेजी से प्रगति पर है। अधिकारियों का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद उद्योगों को बेहतर और निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सकेगी।

जानकारी के अनुसार, एक पावर हाउस का निर्माण उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) द्वारा नियुक्त एजेंसी के माध्यम से कराया जा रहा है, जबकि दूसरे पावर हाउस की जिम्मेदारी हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) ने संभाली है। दोनों परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी है।

बिजली विभाग के अधीक्षक अभियंता प्रवीण गर्ग ने बताया कि विभाग लगातार परियोजनाओं की निगरानी कर रहा है ताकि तय लक्ष्य के अनुसार कार्य पूरा हो सके। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 की गर्मियों से पहले क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे उद्योगों को बिजली संबंधी परेशानियों से राहत मिल सके।

अधिकारियों के अनुसार नए पावर हाउस शुरू होने के बाद ओवरलोडिंग, बार-बार ट्रिपिंग और वोल्टेज में उतार-चढ़ाव जैसी समस्याओं में उल्लेखनीय कमी आएगी। इससे न केवल बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर होगी, बल्कि उत्पादन इकाइयों की कार्यक्षमता भी बढ़ेगी।

बड़ी इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित गोयल ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमी पिछले कई वर्षों से बिजली ढांचे को मजबूत करने की मांग कर रहे थे। क्षेत्र में लगातार बढ़ते औद्योगिक विस्तार के कारण बिजली की खपत में तेजी से वृद्धि हुई है, जिससे मौजूदा नेटवर्क पर दबाव बढ़ता जा रहा है।

उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में कई उद्योगों को हाई और लो वोल्टेज, अचानक बिजली कटौती तथा ओवरलोड जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसके कारण उत्पादन प्रभावित होता है और कई बार मशीनों को भी नुकसान पहुंचता है। नए पावर हाउस शुरू होने से सैकड़ों औद्योगिक इकाइयों को सीधा लाभ मिलेगा और औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

उद्योगपतियों ने उम्मीद जताई है कि संबंधित विभाग निर्धारित समयसीमा के भीतर निर्माण कार्य पूरा करेगा, क्योंकि यह परियोजना क्षेत्र के औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा सकती है।

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