भारतीय शिप ‘जलवीर’ पर ओमान के पास हमला, बढ़ गई चिंता

ओमान तट के पास समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। बुधवार को एक कमर्शियल जहाज पर हुए हमले के 24 घंटे के भीतर ही शिनास बंदरगाह के पास एक और जहाज को निशाना बनाए जाने की खबर सामने आई है। इस नई घटना के बाद संबंधित एजेंसियां और अधिकारी हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, जबकि ओमान में भारतीय दूतावास भी स्थिति की निगरानी कर रहा है।

अधिकारियों की ओर से जारी बयान के अनुसार, शिनास बंदरगाह के निकट एक पोत (वेसल) से जुड़ी घटना की सूचना प्राप्त हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया गया है। फिलहाल घटना के कारणों और इससे हुए नुकसान को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां हर पहलू की जांच कर रही हैं।

इस घटना की जानकारी ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने भी साझा की है। दूतावास ने बताया कि मामले से जुड़ी अधिक जानकारी जुटाई जा रही है और स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में रहकर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

गौरतलब है कि 10 जून को ओमान तट के पास एक कमर्शियल जहाज पर हमला हुआ था। उस जहाज पर कुल 28 लोग सवार थे, जिनमें 24 भारतीय नागरिक शामिल थे। हमले के बाद 21 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि तीन भारतीय लापता हो गए थे। बाद में लापता भारतीयों में से दो के शव मिलने की जानकारी सामने आई, जिससे यह घटना और भी दुखद हो गई।

हमले का शिकार बने जहाज का नाम ‘सेटेबेलो’ बताया गया है। भारत के विदेश मंत्रालय ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा था कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। मंत्रालय के अनुसार, ओमान में भारतीय दूतावास बचाव अभियान में स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय कर रहा है और स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए है।

इस बीच अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में समुद्री क्षेत्र में बढ़ते तनाव को लेकर भी चिंता जताई गई है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटिश मैरीटाइम सिक्योरिटी ग्रुप एम्ब्रे ने आशंका जताई है कि हालिया घटनाएं क्षेत्र में बढ़ती भू-राजनीतिक गतिविधियों और समुद्री मार्गों पर सुरक्षा चुनौतियों से जुड़ी हो सकती हैं। हालांकि, अभी तक किसी भी पक्ष ने इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है।

लगातार दो दिनों में सामने आई इन घटनाओं ने ओमान तट और आसपास के समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, भारतीय नागरिकों की मौजूदगी के कारण भारत भी पूरे घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और आधिकारिक जानकारी से ही इन हमलों के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो पाएगी।

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