देश

पराक्रम दिवस 2025: नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 128वीं जयंती पर प्रधानमंत्री मोदी का आह्वान

आज देशभर में भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 128वीं जयंती मनाई जा रही है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कटक, ओडिशा में आयोजित ‘पराक्रम दिवस’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आम जनता से अपील की कि वे ‘विकसित भारत’ के लिए एकजुट रहें। यह कार्यक्रम नेताजी की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की समृद्धि और एकता के लिए देशवासियों को प्रेरित किया। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में नेताजी की कड़ी मेहनत, उनके संघर्ष और उनके जीवन से प्रेरणा लेने की बात की। उन्होंने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने देश की आज़ादी के लिए जो बलिदान दिया, वह आज भी सभी भारतीयों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

पीएम मोदी का ‘विकसित भारत’ का आह्वान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में ‘विकसित भारत’ के लिए एकजुट होने का आह्वान किया और कहा कि नेताजी के जीवन से हमें यह सिखने को मिलता है कि हमें कभी भी आराम के दायरे में नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत’ को बनाने के लिए हमें अपनी पूरी ताकत झोंकनी होगी और आराम के दायरे से बाहर निकलकर देश के विकास के लिए कार्य करना होगा। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि अब समय आ गया है कि हम सभी मिलकर एकजुट हो जाएं और राष्ट्र निर्माण में योगदान दें। उन्होंने इसे एक सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में प्रस्तुत किया और कहा कि हम सभी को अपनी शक्ति और सामर्थ्य को एकजुट करके भारत को वैश्विक स्तर पर सर्वोत्तम बनाना होगा।

देश की एकता पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने देश की एकता को बनाए रखने और इसे सशक्त बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जीवन इस बात का उदाहरण है कि हम सभी को देश की एकता को बनाए रखने के लिए अपनी पूरी शक्ति और समर्पण के साथ काम करना चाहिए। पीएम मोदी ने विशेष रूप से उन ताकतों के खिलाफ चेतावनी दी, जो देश की एकता को कमजोर करने और उसे तोड़ने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा, ‘हमें उन लोगों से सावधान रहना होगा जो भारत की एकता को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। हम सबको एकजुट रहकर इन ताकतों को शिकस्त देनी होगी।’

प्रधानमंत्री ने नेताजी के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन पूरी दुनिया के लिए एक प्रेरणा था, क्योंकि उन्होंने अपने निजी आराम को छोड़कर देश की आज़ादी के लिए संघर्ष किया। उन्होंने यह भी कहा कि नेताजी का उद्देश्य कभी भी आराम करना नहीं था, बल्कि उनका एकमात्र लक्ष्य था कि भारत स्वतंत्र हो और उसे पूरी दुनिया में सम्मान मिले। प्रधानमंत्री ने कहा कि अब हमें भी अपने आराम के दायरे से बाहर निकलकर अपने देश को एक सशक्त और समृद्ध राष्ट्र बनाने की दिशा में काम करना होगा।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की विरासत को आगे बढ़ाना

प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी सरकार की तरफ से कई महत्वपूर्ण फैसलों का उल्लेख किया, जिनका उद्देश्य नेताजी सुभाष चंद्र बोस की विरासत को बढ़ावा देना था। उन्होंने कहा कि नेताजी के सम्मान में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के द्वीपों का नामकरण किया गया है, इंडिया गेट पर उनकी प्रतिमा स्थापित की गई है और उनकी जयंती को ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाया जा रहा है। इन कदमों के माध्यम से उनकी विरासत को संरक्षित करने और आने वाली पीढ़ियों तक उनके संघर्ष की महिमा को पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि यह कदम देश के हर नागरिक को नेताजी के अद्वितीय साहस और बलिदान के बारे में याद दिलाएंगे। उन्होंने कहा कि नेताजी का योगदान स्वतंत्रता संग्राम में न केवल प्रेरणादायक था, बल्कि उन्होंने अपने कार्यों से यह साबित कर दिया कि यदि मन में दृढ़ निश्चय हो, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।

देश में हो रहे विकास पर प्रधानमंत्री मोदी का जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में यह भी बताया कि पिछले एक दशक में भारत ने विकास के कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि भारत ने अपनी सैन्य ताकत को अभूतपूर्व रूप से बढ़ाया है और दुनिया में एक मजबूत आवाज के रूप में उभरा है। इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में 25 करोड़ से ज्यादा लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है और देश में आधुनिक बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि आज भारत वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति को मजबूत करने में सक्षम हो गया है और इसे विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि भारत के हर नागरिक के जीवन में सुधार हो रहा है और हम एक आत्मनिर्भर राष्ट्र बनने की दिशा में अग्रसर हैं।

नेताजी की जयंती पर प्रधानमंत्री मोदी का श्रद्धांजलि संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने इस दिन को विशेष रूप से मनाने के लिए एक सोशल मीडिया पोस्ट भी साझा किया, जिसमें उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस पोस्ट में उन्होंने लिखा, “आज पराक्रम दिवस पर मैं नेताजी सुभाष चंद्र बोस को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। भारत के स्वतंत्रता संग्राम में उनका योगदान अद्वितीय है। वे साहस और धैर्य के प्रतीक थे। उनका विजन हमें प्रेरित करता रहता है, क्योंकि हम उनके सपनों का भारत बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।”

प्रधानमंत्री मोदी ने नेताजी के संघर्ष को याद करते हुए यह भी कहा कि उनका दृष्टिकोण और उनकी कार्यशैली ने भारतीय राजनीति और स्वतंत्रता संग्राम को नया दिशा प्रदान किया। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि अपने देश के प्रति सच्चे प्रेम और समर्पण से ही राष्ट्र की महानता और शक्ति का निर्माण होता है।

Vishal Singh

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