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BJP woman candidate actions in Maharashtra: महाराष्ट्र में BJP महिला प्रत्याशी की हरकत से लोगों में गुस्सा, छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा को पहनाई BJP पार्टी की टोपी, घटना के बाद सोशल मीडिया पर दिख रहा लोगों में आक्रोश

BJP woman candidate actions in Maharashtra: महाराष्ट्र में BJP महिला प्रत्याशी की हरकत से लोगों में गुस्सा

महाराष्ट्र के भंडारा जिले में स्थानीय निकाय चुनाव प्रचार के बीच एक विवादित घटना ने राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है। वार्ड नंबर 2 से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की महिला प्रत्याशी चंद्रकला भोपे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वे छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर बीजेपी की पार्टी कैप और कमल के निशान वाला पट्टा डालती हुई दिखाई दे रही हैं। इस घटना को लेकर प्रदेशभर में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और राजनीतिक हलकों में इसे लेकर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है।

वीडियो वायरल होने के बाद विपक्षी दलों सहित आम नागरिकों ने इस कृत्य को छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान बताया है। महाराष्ट्र के लोगों के सांस्कृतिक और भावनात्मक जुड़ाव को देखते हुए, विरोध का स्तर और भी अधिक बढ़ गया है। महाराष्ट्र में शिवाजी महाराज की प्रतिमाओं को अत्यंत सम्मान के साथ देखा जाता है, और उन पर किसी भी दल की राजनीतिक सामग्री लगाना कई लोगों की नजर में अनुचित और अस्वीकार्य माना जाता है। इसी वजह से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस घटना को लेकर आक्रोश का माहौल है और #ShivajiMaharaj का नाम लगातार ट्रेंड कर रहा है।

स्थानीय नागरिकों ने भी इस मामले पर नाराजगी व्यक्त की है। कई लोगों का कहना है कि चुनाव प्रचार के नाम पर किसी भी ऐतिहासिक महानायक की प्रतिमा का राजनीतिक उपयोग नहीं होना चाहिए। खासकर शिवाजी महाराज जैसे सर्वमान्य और प्रेरणादायी व्यक्तित्व का सम्मान हर दल और समुदाय से ऊपर है। कुछ नागरिकों ने तो इस मामले पर कार्रवाई की मांग भी की है, ताकि भविष्य में कोई उम्मीदवार या नेता ऐसी गतिविधियों को दोहराने की हिम्मत न करे। हालांकि अभी तक इस घटना को लेकर बीजेपी हाईकमान की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव का माहौल पहले ही काफी संवेदनशील बना हुआ है। चुनाव से जुड़े कार्यक्रमों के बीच स्टेट इलेक्शन कमीशन ने सोमवार को बड़े स्तर पर बदलाव करते हुए 24 से ज्यादा नगर परिषद और नगर पंचायतों के चुनाव स्थगित कर दिए। यह फैसला गड़बड़ी की आशंका के चलते लिया गया। चुनाव आयोग का कहना है कि उन्हें प्रक्रिया में अनियमितताओं के संकेत मिले थे, जिसके बाद यह कदम उठाना पड़ा। इस स्थगन से उम्मीदवार और विभिन्न राजनीतिक दल हैरानी में हैं, क्योंकि वे चुनावी तैयारियों में पहले से जुटे हुए थे।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने चुनाव आयोग के इस निर्णय पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने आयोग से स्पष्टीकरण मांगा है और चुनाव स्थगित करने के फैसले को प्रशासनिक दृष्टि से गलत बताया है। फडणवीस का कहना है कि अचानक लिए गए ऐसे फैसले लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े करते हैं और उम्मीदवारों के लिए असमंजस की स्थिति पैदा करते हैं। उनकी इस प्रतिक्रिया से राजनीतिक हलकों में चर्चा और तेज हो गई है।

इस बीच, चंद्रकला भोपे से संबंधित विवाद ने बीजेपी के लिए नई मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। विरोधी दल इस घटना को चुनावी मुद्दा बना रहे हैं और सोशल मीडिया पर पार्टी को निशाने पर ले रहे हैं। कांग्रेस, राकांपा और शिवसेना (यूबीटी) के नेताओं ने इस मुद्दे पर बीजेपी की आलोचना करते हुए कहा है कि इस घटना से स्पष्ट होता है कि बीजेपी के कुछ उम्मीदवार चुनाव प्रचार की मर्यादा को नहीं समझते। कुछ नेताओं ने तो इस पूरे प्रकरण को शिवाजी महाराज की विरासत के प्रति असम्मान बताया और बीजेपी से माफी की मांग भी उठाई।

चंद्रकला भोपे की ओर से अभी तक किसी प्रकार का स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। हालांकि स्थानीय सूत्रों का कहना है कि इस विवाद के तूल पकड़ने के बाद पार्टी संगठन स्तर पर उनसे जवाब तलब किया जा सकता है। यह भी कहा जा रहा है कि चुनाव के समय ऐसा विवाद पक्ष और विपक्ष दोनों के लिए राजनीतिक रणनीतियों को प्रभावित कर सकता है।

महाराष्ट्र में चुनावी सरगर्मी के बीच भंडारा की यह घटना न केवल राजनीतिक दलों के लिए चुनौती बन गई है, बल्कि मतदाताओं के नजरिए को भी प्रभावित कर रही है। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि क्या इस विवाद का असर स्थानीय निकाय चुनाव के नतीजों पर पड़ेगा, और क्या बीजेपी प्रत्याशी के इस कदम की वजह से विपक्ष को बड़ा मुद्दा मिल गया है।

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