रविवार को पटना के गांधी मैदान में विपक्षी इंडी गठबंधन और मुस्लिम संगठनों द्वारा आयोजित वक्फ कानून विरोधी रैली के बाद भारतीय जनता पार्टी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। भाजपा ने कहा कि विपक्ष अभी भी संविधान को कूड़ेदान में फेंकने की 50 साल पुरानी मानसिकता से बाहर नहीं आया है।
भाजपा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस वक्फ कानून को भारत की संसद के दोनों सदनों ने पारित किया है, उसे तेजस्वी यादव जैसे नेता कूड़ेदान में फेंकने की बात कर रहे हैं। यह सीधा-सीधा लोकतांत्रिक संस्थाओं का अपमान है। त्रिवेदी ने कहा कि इससे साफ होता है कि विपक्ष की विचारधारा आज भी आपातकाल जैसी सोच से प्रेरित है, जहाँ संविधान और संस्थाओं का कोई सम्मान नहीं होता।
सुधांशु त्रिवेदी ने विपक्षी नेताओं से सवाल किया कि क्या वे बिहार में सऊदी अरब और इंडोनेशिया से भी कठोर शरिया कानून लागू करना चाहते हैं? उन्होंने पूछा कि जिस वक्फ कानून के खिलाफ विपक्ष खड़ा है, क्या वह सऊदी अरब, इंडोनेशिया, तुर्की, इराक या सीरिया जैसे देशों में भी लागू नहीं है? उन्होंने कहा कि इन देशों में भी वक्फ कानून के तहत लोकतांत्रिक नियंत्रण होता है, लेकिन विपक्ष भारत में इससे आगे जाकर कट्टरपंथी विचारधारा थोपना चाहता है।
भाजपा नेता ने राजद और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि ये पार्टियां समाजवाद की आड़ में “नमाजवाद” चला रही हैं। उनका उद्देश्य गरीब और शोषित मुस्लिमों की मदद करना नहीं, बल्कि कुछ मौलवियों और कट्टरपंथी नेताओं के हित साधना है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष वोट बैंक की राजनीति के तहत अल्पसंख्यक संस्थाओं को बढ़ावा देकर एससी-एसटी समुदाय का आरक्षण खत्म करने की साजिश कर रहा है।
त्रिवेदी ने कहा कि इंडी गठबंधन संविधान का अपमान कर उसे ‘मौलवी स्क्रिप्ट’ में बदलना चाहता है। उन्होंने कहा कि हम डॉ. भीमराव अंबेडकर, डॉ. राममनोहर लोहिया और कर्पूरी ठाकुर के समाजवाद के साथ खड़े हैं, लेकिन विपक्ष उन लोगों के साथ है जो तीन तलाक, हलाला और ‘सिर तन से जुदा’ जैसी सोच को समर्थन देते हैं। ये वही लोग हैं जो आतंकियों को हाफिज बना रहे हैं और भारतीय संविधान को इस्लामिक स्क्रिप्ट में ढालने की सोच रखते हैं।
भाजपा सांसद ने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी और एनडीए बाबा साहब आंबेडकर के संविधान की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। अगर कोई इसे कूड़ेदान में फेंकने की बात करेगा, तो भाजपा उसे हर स्तर पर रोकेगी। त्रिवेदी ने कहा कि विपक्ष जिस मानसिकता के साथ आगे बढ़ रहा है, वह भारत को पीछे ले जाने वाला कदम है और आम जनता को इस षड्यंत्र को पहचानना चाहिए।
इस पूरी घटना को लेकर सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह वक्फ कानून की आड़ में 2025 की तैयारी का एक हिस्सा हो सकता है, जहाँ धार्मिक ध्रुवीकरण के सहारे दोनों पक्ष अपने-अपने वोट बैंक मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा इसे संविधान और न्यायपालिका के सम्मान की लड़ाई बता रही है, जबकि विपक्ष इसे मुस्लिम अधिकारों की रक्षा से जोड़ रहा है।
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