धान के स्थान पर वैकल्पिक फसल उगाने के लिए मिलेगी 8000 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि धान के स्थान पर अन्य वैकल्पिक फसलों को अपनाने के लिए किसानों को प्रेरित किया जाएगा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने बताया है कि अन्य वैकल्पिक फसलों को अपनाने के लिए किसानों को 8000 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी।

8000 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जाएगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान हित में जितने निर्णय पिछले 10 वर्षों में वर्तमान केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा लिए गये हैं उतने पहले की सरकारों ने कभी नहीं लिए गए। उन्होंने कहा कि मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत धान के स्थान पर अन्य वैकल्पिक फसलों को अपनाने के लिए किसानों को अब 8000 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, जो पहले 7000 रुपये प्रति एकड़ थी। इतना ही नहीं, किसानों को सहकारी बैंकों से जीरो प्रतिशत ब्याज दर पर फसली ऋण उपलब्ध करवाया जाता है। मुख्यमंत्री आज विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के दौरान इनेलो के विधायक श्री आदित्य देवीलाल द्वारा प्रदेश के किसानों पर फसली ऋण के बारे पूछे गये एक प्रश्न के उत्तर में बोल रहे थे।

सिंचाई के लिए अंतिम टेल तक पानी पहुंचने का काम हुआ

उन्होंने सदन को अवगत करवाया कि हरको बैंक व अन्य सहकारी बैंकों के माध्यम से किसानों को फसली ऋण 7 प्रतिशत की ब्याज दर पर दिया जाता है, परंतु यह ब्याज की राशि 4 प्रतिशत हरियाणा सरकार द्वारा तथा 3 प्रतिशत केन्द्र सरकार द्वारा वहन की जाती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा किसान हित में निरंतर लिए जा रहे निर्णयों के फलस्वरूप पिछले 10 वर्षों में किसान की पैदावार में भी अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के माध्यम से सब्सिडी देकर टपकन व फव्वारा सिंचाई प्रणाली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाता है। इसके अलावा, 10 वर्षों में पहली बार सिंचाई के लिए अंतिम टेल तक पानी पहुंचने काम वर्तमान सरकार द्वारा किया जा रहा है।

हरियाणा में भी गिर रहा भूजल स्तर

आपको बता दें कि हरियाणा और पंजाब में धान की खेती अब बड़ी समस्या बन गई है। धान की खेती को बहुत अधिक मात्रा में पानी चाहिए होता है। इससे भूजल स्तर तेजी से गिरता है। यही वजह है कि हरियाणा और पंजाब में अब पानी बचाओ आंदोलन की स्थिति है। यहां जमीन बंजर होती जा रही है और किसानों का सिंचाई का खर्च बढ़ता जा रहा है क्योंकि पानी का स्तर बहुत नीचे चला गया है. इस समस्या से निजात के लिए सरकार धान की खेती छोड़कर किसी अन्य फसल की खेती को बढ़ावा दे रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए हरियाणा बजट में किसानों को धान की खेती छोड़ने के लिए 8000 रुपये प्रति एकड़ देने का ऐलान किया गया है।

admin

Recent Posts

जनजातीय गांवों को ‘अंतिम’ नहीं, ‘प्रथम’ पहचान देने पर जोर।

उत्तराखंड में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने जनजातीय समाज…

6 hours ago

जनजातीय गांवों को ‘अंतिम’ नहीं, ‘प्रथम’ पहचान देने पर जोर।

उत्तराखंड में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने जनजातीय समाज…

6 hours ago

नशे के खिलाफ जंग में समाज भी निभाए जिम्मेदारी : धामी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड को नशामुक्त बनाने की लड़ाई केवल सरकार…

6 hours ago

Uttarakhand News: दलेर मेहंदी विवाद में CM धामी की एंट्री, फोन कर जाना हालचाल; बोले- उत्तराखंड में कलाकारों का सदैव होता है सम्मान….

प्रसिद्ध गायक दलेर मेहंदी के कुंजापुरी सांस्कृतिक कार्यक्रम से जुड़े विवाद को लेकर इस पर…

7 hours ago

Uttarakhand News: CM धामी ने ‘ड्रग फ्री उत्तराखण्ड वॉकथॉन’ को दिखाई हरी झंडी, युवाओं से नशामुक्त उत्तराखंड बनाने की अपील…..

देहरादून. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डॉबीआर अम्बेडकर ग्राउंड, ओएनजीसी, देहरादून में ओएनजीसी ऑफिसर्स एसोसिएशन…

7 hours ago

Uttarakhand News: देहरादून में STPI की नई इन्क्यूबेशन फैसिलिटी शुरू, IT कारोबार, स्टार्टअप और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा….

भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अंतर्गत कार्यरत सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स…

7 hours ago