देशभर में मॉनसून अब तेजी से सक्रिय होता दिखाई दे रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने संकेत दिए हैं कि अगले कुछ दिनों में मॉनसून मध्य और पूर्वी भारत के बड़े हिस्से को कवर कर सकता है। इसके साथ ही कई राज्यों में भारी बारिश का खतरा बढ़ गया है, जबकि कुछ क्षेत्रों में लोगों को अभी भी भीषण गर्मी और लू का सामना करना पड़ सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई इलाकों में जल्द ही मॉनसून की एंट्री होने वाली है। इससे किसानों और आम लोगों को लंबे समय से इंतजार कर रही बारिश मिलने की उम्मीद है।
पूर्वोत्तर भारत में मौसम सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। आईएमडी ने पश्चिम बंगाल के पहाड़ी क्षेत्रों और सिक्किम के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। 27 से 29 जून के बीच इन इलाकों में बेहद भारी बारिश हो सकती है। असम और मेघालय में भी 28 जून को तेज बारिश का अनुमान है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
अरुणाचल प्रदेश, गोवा, कोंकण क्षेत्र और कर्नाटक के तटीय जिलों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इन क्षेत्रों में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित हो सकता है। जहां देश के कई हिस्सों में बारिश राहत लेकर आ रही है, वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के लोगों को अभी गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले दो से तीन दिनों तक इन इलाकों में लू का असर बना रह सकता है। दोपहर के समय लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
इसके अलावा राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश, बिहार और मराठवाड़ा क्षेत्र में तेज आंधी और गरज-चमक के साथ मौसम बदल सकता है। कई स्थानों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर में मौसम कुछ हद तक राहत भरा रहने वाला है। अगले तीन दिनों तक आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और कुछ इलाकों में हल्की बारिश भी हो सकती है। इससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को उमस व गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी।
