मंगलवार को लगातार दूसरे दिन शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। सोमवार को बाजार में भारी बिकवाली के बाद मंगलवार को भी निवेशकों में डर का माहौल बना रहा। कारोबार शुरू होते ही सेंसेक्स और निफ्टी दोनों तेजी से नीचे गिर गए। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 700 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी भी 160 अंक से ज्यादा फिसलकर कारोबार करता नजर आया।
कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स करीब 75,688 के स्तर पर खुला, लेकिन कुछ ही मिनटों में यह 75,291 तक लुढ़क गया। वहीं निफ्टी भी 23,722 पर खुलने के बाद गिरकर 23,633 तक पहुंच गया। बाजार में सबसे ज्यादा दबाव आईटी और टेक कंपनियों के शेयरों पर देखने को मिला। TCS, Infosys, Tech Mahindra और HCL Tech जैसे बड़े शेयरों में 2 से 4 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा UPL, Hindustan Petroleum और Coforge जैसी कंपनियों के शेयर भी कमजोर नजर आए।
विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह निवेशकों के बीच बढ़ता डर और अनिश्चितता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हाल की अपील के बाद बाजार का माहौल और ज्यादा कमजोर हो गया। पीएम मोदी ने देशवासियों से अगले एक साल तक सोना न खरीदने और पेट्रोल-डीजल का सीमित इस्तेमाल करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध और बढ़ते तनाव का असर भारत समेत पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
प्रधानमंत्री ने लोगों से ईंधन बचाने और जरूरी खर्चों में सावधानी बरतने की सलाह दी थी। हालांकि इस बयान के बाद निवेशकों में चिंता बढ़ गई कि आने वाले समय में महंगाई और आर्थिक दबाव बढ़ सकता है। यही वजह है कि लगातार दूसरे दिन शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली।
इसके अलावा अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती तनातनी ने भी ग्लोबल मार्केट का माहौल खराब कर दिया है। होर्मुज स्ट्रेट को लेकर तनाव लगातार बना हुआ है। यह वही समुद्री रास्ता है, जहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल सप्लाई होता है। अगर यहां हालात और बिगड़ते हैं, तो कच्चे तेल की कीमतों में और तेजी आ सकती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 105 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी है। तेल महंगा होने से भारत जैसे देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे महंगाई का दबाव और बढ़ेगा। इसी डर का असर अब सीधे शेयर बाजार पर दिखाई दे रहा है।
