भारतीय सर्राफा बाजार में हफ्ते के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार को सोने-चांदी के दामों में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। ताज़ा अपडेट के अनुसार, 4 मई को सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है, जबकि चांदी के दामों में तेज़ बढ़ोतरी हुई है। इस उतार-चढ़ाव ने आम खरीदार से लेकर निवेशकों तक सभी का ध्यान खींच लिया है।
सोने की बात करें तो 24 कैरेट शुद्ध सोना अब 1 लाख 50 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर से नीचे आ गया है। यानी सोना पहले की तुलना में सस्ता हुआ है, जिससे बाजार में हल्की राहत देखी जा रही है। वहीं, 22 कैरेट सोने की कीमत, जिसे आमतौर पर ज्वेलरी बनाने में ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है, उसमें भी गिरावट दर्ज की गई है।
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी ताज़ा रेट के मुताबिक, 4 मई 2026 को 916 शुद्धता वाला यानी 22 कैरेट सोना ₹1,37,641 प्रति 10 ग्राम से घटकर ₹1,35,895 प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। इसका मतलब है कि सोने के दामों में हल्की लेकिन लगातार गिरावट का रुख बना हुआ है। दूसरी ओर, चांदी ने बाजार में उल्टा रुख दिखाया है। चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है और यह अब ₹2,40,331 प्रति किलो से बढ़कर ₹2,44,237 प्रति किलो के पार पहुंच गई है। यानी जहां सोना सस्ता हुआ है, वहीं चांदी महंगी हो गई है।
IBJA के अनुसार, ये रेट देशभर में मानक माने जाते हैं और इन्हें सोने-चांदी के सही बाजार भाव के रूप में देखा जाता है। ibjarates.com पर हर दिन सोमवार से शुक्रवार तक सुबह और शाम दो बार ताज़ा रेट जारी किए जाते हैं, जिससे बाजार की स्थिति का सही अंदाजा मिलता है। हालांकि, यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि IBJA द्वारा जारी किए गए दामों में GST शामिल नहीं होता है। जब ग्राहक ज्वेलरी खरीदने जाते हैं तो उन्हें इन रेट्स के अलावा टैक्स और मेकिंग चार्ज अलग से देना पड़ता है, जिससे अंतिम कीमत और बढ़ जाती है।
बीते शुक्रवार, 1 मई को बुद्ध पूर्णिमा और राष्ट्रीय मजदूर दिवस की छुट्टी होने के कारण सोने-चांदी के रेट जारी नहीं किए गए थे। इसलिए बाजार में यह ताज़ा अपडेट सोमवार को आया है, जिसमें सोने और चांदी दोनों के दामों में बड़ा अंतर देखने को मिला है।
कुल मिलाकर, मौजूदा स्थिति में सोने की कीमतों में नरमी और चांदी की कीमतों में तेजी ने बाजार को एक अलग मोड़ पर ला दिया है। निवेशक और खरीदार दोनों ही आने वाले दिनों में इस उतार-चढ़ाव पर नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार और मांग के हिसाब से कीमतों में आगे भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
