Chandrashekhar clarification on viral audio: वायरल ऑडियो पर चंद्रशेखर की सफाईChandrashekhar clarification on viral audio: वायरल ऑडियो पर चंद्रशेखर की सफाई

Chandrashekhar clarification on viral audio: वायरल ऑडियो पर चंद्रशेखर की सफाई

 

आज़ाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आज़ाद एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं, जब पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर उनका कथित ऑडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि वे बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। इस कथित ऑडियो में चंद्रशेखर आज़ाद मायावती पर आरोप लगाते हुए सुनाई दे रहे हैं कि उन्होंने कांशीराम से पार्टी छीनी थी और यहां तक कि कांशीराम को ब्लैकमेल किया करती थीं।

ऑडियो में कथित रूप से यह भी कहा गया है कि मायावती ने कांशीराम को धमकी दी थी कि अगर उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया तो वह समाज के सामने यह कह देंगी कि कांशीराम ने उनके साथ दुष्कर्म किया है। इतना ही नहीं, ऑडियो में यह दावा भी सुनाई दे रहा है कि आकाश आनंद के पिता ने एक बार कांशीराम के सिर पर बंदूक रखी थी। यह ऑडियो रोहिणी घावरी ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट किया है।

रोहिणी घावरी ने इस ऑडियो को शेयर करते हुए लिखा कि “यह पूरी तरह से ऑरिजिनल है” और साथ ही उन्होंने यह घोषणा भी की कि जो कोई इस ऑडियो को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जनरेटेड साबित कर देगा, उसे एक करोड़ रुपये का इनाम दिया जाएगा। जिनेवा में रहने वाली रोहिणी घावरी पहले भी सोशल मीडिया पर चंद्रशेखर आज़ाद पर कई बार आरोप लगा चुकी हैं।

वह खुद को चंद्रशेखर की गर्लफ्रेंड बताती हैं और उन पर धोखा देने का आरोप लगाती रही हैं। उन्होंने पहले भी कई बार चंद्रशेखर के साथ अपनी कथित वीडियो कॉल्स की स्क्रीन रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर साझा की हैं, जिनमें दोनों की निजी बातचीत दिखाई देती है।

इस नए ऑडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है और लोग चंद्रशेखर से सफाई की मांग कर रहे हैं। मामला बढ़ने पर चंद्रशेखर आज़ाद ने एक निजी न्यूज चैनल से बात करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने वायरल ऑडियो को लेकर कहा कि “किसी ऑडियो या वीडियो के पास क्यों जाना, जब मैं खुद सामने खड़ा हूं। मैं अपने मुंह से कह रहा हूं कि मैंने पचासों मंचों से कहा है कि हम बहन जी का सम्मान करते रहे हैं। हमारे राजनीतिक दल भले ही अलग-अलग हों, लेकिन हम उनके संघर्ष का हमेशा सम्मान करते हैं और आज भी करते हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि “कांशीराम साहब हमारे गुरु हैं, हम हमेशा उनका सम्मान करते रहेंगे। यह हमारे सिद्धांत हैं, हमारे संस्कार हैं, जो हमें हमारे मां-बाप से मिले हैं।” चंद्रशेखर ने यह भी कहा कि यह समय बहुजन आंदोलन को मजबूत करने का है, न कि एक-दूसरे पर आरोप लगाने का।

वहीं, सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं दो हिस्सों में बंटी दिख रही हैं। कुछ लोग इस ऑडियो को पूरी तरह से फर्जी और एडिटेड बता रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि आवाज चंद्रशेखर की ही लग रही है।

कई यूजर्स ने रोहिणी घावरी पर व्यक्तिगत रंजिश के चलते यह ऑडियो जारी करने का आरोप लगाया है, जबकि कुछ लोगों ने मांग की है कि इस ऑडियो की फॉरेंसिक जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

बहुजन समाज पार्टी की ओर से फिलहाल इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन पार्टी से जुड़े कुछ नेताओं ने सोशल मीडिया पर अप्रत्यक्ष रूप से इस ऑडियो को “बहुजन एकता तोड़ने की साजिश” बताया है।

वहीं, चंद्रशेखर समर्थकों का कहना है कि उनके खिलाफ यह एक सोची-समझी साजिश है, जो उनके राजनीतिक कद को नुकसान पहुंचाने के लिए रची गई है। पिछले कुछ महीनों से चंद्रशेखर आज़ाद लगातार सुर्खियों में रहे हैं, कभी अपने बयानों को लेकर तो कभी अपने राजनीतिक रुख को लेकर। वहीं, रोहिणी घावरी के साथ उनके विवाद ने भी सोशल मीडिया पर खूब तूल पकड़ा है।

रोहिणी पहले भी कई बार अपने पोस्ट्स के जरिए चंद्रशेखर पर व्यक्तिगत आरोप लगा चुकी हैं, जिनमें से कुछ को लेकर उन्होंने खुद बाद में सफाई भी दी थी। इस बार हालांकि मामला ज्यादा गंभीर इसलिए माना जा रहा है क्योंकि इसमें देश की एक बड़ी राजनीतिक हस्ती मायावती का नाम शामिल है।

चंद्रशेखर के इस बयान के बाद मामला कुछ शांत जरूर हुआ है, लेकिन विवाद अभी थमता नहीं दिख रहा है क्योंकि ऑडियो पोस्ट करने वाली रोहिणी घावरी लगातार नए पोस्ट्स कर रही हैं और दावा कर रही हैं कि उनके पास इससे भी ज्यादा “सबूत” हैं, जिन्हें वह जल्द सार्वजनिक करेंगी।