प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय राजनीति में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। वे संविधान लागू होने के बाद भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार प्रधानमंत्री पद पर रहने वाले नेता बन गए हैं। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है, जो कई दशकों से कायम था।
नरेंद्र मोदी ने 26 मई 2014 को पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद से अब तक वे लगातार इस पद पर बने हुए हैं और उन्होंने 4,399 दिन पूरे कर लिए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड पंडित जवाहरलाल नेहरू के नाम था, जिन्होंने स्वतंत्र भारत के शुरुआती दौर में लगातार 4,398 दिन तक प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया था। इस तरह मोदी ने बेहद मामूली अंतर से यह ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है, जो भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक बड़ी घटना मानी जा रही है।
इस उपलब्धि के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि जनसेवा ही सुशासन की असली पहचान है। उन्होंने कहा कि जनता का भरोसा किसी पद या सत्ता से नहीं, बल्कि निरंतर सेवा, विनम्रता, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा से अर्जित किया जाता है। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि जो नेतृत्व लगातार लोगों के कल्याण के लिए काम करता है, वही वास्तव में जनता का विश्वास जीतता है और लंबे समय तक याद रखा जाता है।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर एक संस्कृत श्लोक का उल्लेख करते हुए नेतृत्व की भावना को भी समझाया। उन्होंने कहा कि शासक का मुख्य उद्देश्य हमेशा जनता की भलाई और देश के विकास की दिशा में काम करना होना चाहिए। उनके अनुसार, जो व्यक्ति विनम्र रहकर कर्तव्य को सर्वोपरि रखता है, वही सच्चे अर्थों में सफल नेतृत्व प्रदान करता है।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर देश के कई प्रमुख नेताओं ने प्रधानमंत्री को बधाई दी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान को मजबूत किया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस दौर में भारत ने सांस्कृतिक पुनर्जागरण का अनुभव किया है और देश पुरानी सोच से आगे बढ़ा है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी को “थकान न मानने वाला कर्मयोगी” बताया और कहा कि उनका समर्पण और कार्यशैली पूरे देश के लिए प्रेरणा है। वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी पीएम मोदी की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भारत को केवल योजनाएं ही नहीं, बल्कि एक स्पष्ट दिशा, मजबूत विजन और आत्मविश्वास भी मिला है।
प्रधानमंत्री मोदी की इस उपलब्धि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली है। मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने उनके वैश्विक नेतृत्व की प्रशंसा की है। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इसे दशकों की जनसेवा और मजबूत प्रशासनिक क्षमता का परिणाम बताया। वहीं श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने विशेष पत्र भेजकर शुभकामनाएं दीं और इसे भारत के लोकतंत्र में जनता के अटूट विश्वास का प्रतीक बताया।
इसके अलावा प्रशांत महासागरीय देश पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री जेम्स मारापे ने वीडियो संदेश जारी कर प्रधानमंत्री मोदी को दुनिया के लिए एक “रोल मॉडल” और मजबूत नेतृत्व का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि मोदी का नेतृत्व कई देशों के लिए प्रेरणादायक है।
