ऊना: रेप केस में SDM को मिली अग्रिम जमानतऊना: रेप केस में SDM को मिली अग्रिम जमानत

ऊना: रेप केस में SDM को मिली अग्रिम जमानत

 

हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां के SDM विश्व मोहन देव चौहान पर एक युवती ने शादी का झांसा देकर रेप और ब्लैकमेलिंग के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले में अब हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने आरोपी SDM को अग्रिम जमानत दे दी है।

अदालत ने ये राहत सशर्त दी है, जिसमें अधिकारी को अब पुलिस जांच में सहयोग करना होगा। अदालत ने साफ कहा है कि, वो जांच एजेंसी के साथ पूरा सहयोग करें और कोई सबूत नष्ट करने या गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश न करें।

सोमवार को हुई सुनवाई में न्यायमूर्ति राकेश कैंथला की एकल पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि, SDM पर लगे आरोप झूठे हैं और दोनों पक्षों के बीच समझौता हो चुका है। वहीं राज्य सरकार ने कहा कि, जांच अभी अधूरी है और पीड़िता के बयानों की पुष्टि बाकी है

अदालत ने ये मानते हुए कि, अधिकारी सरकारी पद पर हैं और जांच से बचने की कोशिश न करें, उन्हें सशर्त अग्रिम जमानत दी। साथ ही पुलिस को जांच की स्टेटस रिपोर्ट 16 अक्टूबर तक पेश करने को कहा गया है।

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दरअसल ये मामला ऊना जिले की एक युवती की शिकायत पर दर्ज किया गया था। युवती का आरोप है कि, SDM विश्व मोहन देव चौहान से उसकी पहचान सोशल मीडिया पर हुई थी। बातचीत के दौरान दोनों के बीच नजदीकी बढ़ी और SDM ने शादी का झांसा दिया

युवती का आरोप है कि, इस भरोसे में उसने अधिकारी से मुलाकात की और इसी दौरान उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए गए। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि, 10 अगस्त को वो SDM के ऑफिस पहुंची थी। वहां अधिकारी ने उसे अपने निजी कमरे में बुलाया और जबरन उसे गले लगाया

इसके बाद उसने जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए। हालांकि युवती का कहना है कि, उसने इसका विरोध किया था, लेकिन SDM ने शादी का भरोसा देकर चुप करा दिया था।

साथ ही पीड़िता ने बताया कि, SDM ने 20 अगस्त को उसे रेस्ट हाउस बुलाया। उसने वॉट्सऐप पर मैसेज भेजकर कहा कि, वहां पहुंचकर अपना नाम ‘स्नेहा’ और पेशा ‘असिस्टेंट प्रोफेसर, सोलन’ बताना। पीड़िता बताती है कि, वो शाम को वहां पहुंची लेकिन अधिकारी देर रात करीब 10 बजे आया और फिर से उसके साथ जबरदस्ती की।

उस रात SDM ने उसे पहले की मुलाकात की वीडियो दिखाकर धमकाया और कहा कि, अगर उसने शिकायत की तो वीडियो वायरल कर देगा। इसके बाद से SDM लगातार उसे ब्लैकमेल करता रहा।

वहीं जब पीड़िता ने SDM पर शादी का दबाव डाला तो SDM ने कहा कि, उसकी पहले से ही सगाई हो चुकी है और वो ऊना का अधिकारी है, किसी की हिम्मत नहीं कि उसका कुछ बिगाड़ सके। युवती ने कहा कि उसने कई बार विनती की कि वीडियो डिलीट कर दें, लेकिन SDM ने ऐसा नहीं किया और लगातार उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करता रहा।

जिसके बाद पीड़िता की शिकायत पर ऊना पुलिस ने 23 सितंबर को मामला दर्ज किया। इस FIR में भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(2) और धारा 69 के तहत केस दर्ज हुआ। जिसके बाद SDM करीब 14 दिन तक फरार रहे। ऊना पुलिस लगातार तलाश में रही लेकिन अधिकारी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। इसी बीच उन्होंने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर कर दी।

सोमवार को हुई सुनवाई में अदालत ने कहा कि, एक सरकारी अधिकारी से उम्मीद की जाती है कि, वो कानून का सम्मान करे। अगर उस पर आरोप लगे हैं, तो जांच में सहयोग उसका कर्तव्य है। कोर्ट ने कहा कि, जमानत राहत नहीं बल्कि जिम्मेदारी है।

साथ ही अदालत ने कहा कि, अगर जांच के दौरान आरोपी सहयोग नहीं करते या गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश करते हैं, तो पुलिस जमानत निरस्त कराने के लिए दोबारा आवेदन कर सकती है।
पिछली सुनवाई में बचाव पक्ष ने अदालत को बताया था कि पीड़िता और SDM के बीच समझौता हो गया है।

हालांकि, अदालत ने इस दावे की सत्यता पर सवाल उठाया और कहा कि, रेप जैसे मामलों में “समझौता” कानूनी रूप से मान्य नहीं है। इसलिए अदालत ने राज्य सरकार को इस तथाकथित समझौते की सच्चाई की जांच कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे।

अब इस मामले की अगली सुनवाई 16 अक्टूबर 2025 को होगी। उस दिन पुलिस को हाईकोर्ट में जांच की स्टेटस रिपोर्ट सौंपनी होगी। फिलहाल SDM विश्व मोहन देव चौहान को अग्रिम जमानत मिल चुकी है, लेकिन उन पर लगे आरोपों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और अदालत दोनों इस मामले पर करीब से नजर रखे हुए हैं।