मनीषा की मौत का राज अब CBI खोलेगी…!मनीषा की मौत का राज अब CBI खोलेगी…!

मनीषा की मौत का राज अब CBI खोलेगी…!

हरियाणा के भिवानी जिले के सिंघानी गांव में प्ले स्कूल टीचर मनीषा की संदिग्ध मौत के मामले ने न सिर्फ स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया, बल्कि राज्य स्तर पर भी जनभावना को प्रभावित किया। आखिरकार, सरकार ने 20 अगस्त को मनीषा की मौत की जांच सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) को सौंप दी। यह फैसला भारी जनदबाव और परिजनों की लगातार मांग के बाद लिया गया।

11 अगस्त 2025 को 22 वर्षीय मनीषा, जो भिवानी जिले के गांव ढाणी लक्ष्मण की रहने वाली थी, रोज की तरह अपने गांव से सिंघानी गांव स्थित प्ले स्कूल में पढ़ाने गई थी। उसके बाद वह नर्सिंग कॉलेज में दाखिले के लिए निकली, लेकिन शाम तक घर नहीं लौटी। परिजनों ने उसी रात उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने इस शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया। परिजनों का आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने मनीषा के बारे में कहा कि “बेटी घर से भाग गई है, दो दिन में लौट आएगी”। लेकिन दो दिन बाद, 13 अगस्त को मनीषा का शव सिंघानी गांव के खेतों में पड़ा मिला।

मनीषा की मौत के बाद, भिवानी सिविल अस्पताल में पहला पोस्टमॉर्टम कराया गया। रिपोर्ट आने से पहले ही पुलिस ने इस मौत को आत्महत्या करार दिया और 18 अगस्त को एक सुसाइड नोट पेश किया, जिसे मनीषा के पर्स में मिलने का दावा किया गया। पुलिस की इस कार्यप्रणाली पर परिजनों और ग्रामीणों ने गहरा ऐतराज जताया।

परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया और हत्या की आशंका जताते हुए पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर सवाल उठाए। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि मनीषा ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि उसकी हत्या की गई है और पुलिस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है।

मामले के तूल पकड़ते ही 15 अगस्त की रात सरकार ने भिवानी के एसपी मनबीर सिंह को हटा दिया। SHO को लाइन हाजिर किया गया और चार पुलिसकर्मी सस्पेंड किए गए। बावजूद इसके, ग्रामीणों का गुस्सा शांत नहीं हुआ।

उन्होंने गांव के रास्ते बंद कर दिए और अंतिम संस्कार नहीं करने देने का ऐलान कर दिया। ग्रामीणों ने दो मुख्य मांगें रखीं – पहली, मनीषा मौत मामले की CBI जांच हो, और दूसरी, दिल्ली AIIMS से पोस्टमॉर्टम कराया जाए।

20 अगस्त को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने इन दोनों मांगों को स्वीकार करते हुए जांच CBI को सौंपने का ऐलान किया। साथ ही, तीसरा पोस्टमॉर्टम दिल्ली AIIMS में करवाया गया।
AIIMS की मेडिकल टीम द्वारा तीसरे पोस्टमॉर्टम के बाद शव को भिवानी लाया गया और अंततः 21 अगस्त की सुबह मनीषा का अंतिम संस्कार गांव ढाणी लक्ष्मण में किया गया।

22 अगस्त को हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह एक अत्यंत दुखद घटना है। “हमने एक यंग बिटिया को खो दिया। बेटियां सबकी सांझी होती हैं। मां-बाप और परिवार का दुख हम सब समझते हैं।”

डीजीपी ने स्पष्ट किया कि इस केस में शुरुआत से हत्या का मामला दर्ज किया गया था। उन्होंने जानकारी दी कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि शव को कुत्तों के झुंड ने नोच डाला था, जिससे शरीर पर गंभीर जख्म थे। उन्होंने यह भी बताया कि सुसाइड नोट की फॉरेंसिक जांच करवाई गई थी।

इसके साथ ही उन्होंने यह स्पष्ट किया कि केस CBI को ट्रांसफर करना PGI रोहतक की टीम या डॉक्टरों की काबिलियत पर सवाल नहीं है, बल्कि जनभावना को ध्यान में रखते हुए लिया गया निर्णय है।