पंजाब के लिए ₹1600 करोड़ की राहत राशि का ऐलानपंजाब के लिए ₹1600 करोड़ की राहत राशि का ऐलान

पंजाब के लिए ₹1600 करोड़ की राहत राशि का ऐलान

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को पंजाब और हिमाचल प्रदेश के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने दोनों राज्यों का हवाई सर्वे करने के बाद पीड़ितों से सीधे मुलाकात की और केंद्र सरकार की ओर से कुल 3100 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता देने का ऐलान किया

इस घोषणा के तहत पंजाब को 1600 करोड़ रुपए और हिमाचल प्रदेश को 1500 करोड़ रुपए मिलेंगे। इसके अलावा, जिन परिवारों ने बाढ़ में अपनों को खोया है, उन्हें 2-2 लाख रुपए की आर्थिक मदद दी जाएगी। वहीं, घायल हुए लोगों को 50-50 हजार रुपए मिलेंगे।

दरअसल पिछले कई हफ्तों से हो रही लगातार बारिश, नदियों के उफान और बादल फटने की वजह से पंजाब और हिमाचल में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है

जिसमें कई लोगों की जान चली गई, कहीं हजारों घर बह गए और लाखों किसान अपनी फसलों से हाथ धो बैठे हैं। इसी पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री मोदी ने सबसे पहले हिमाचल प्रदेश के कुल्लू, मंडी और चंबा जिलों का हवाई निरीक्षण किया और उसके बाद पंजाब के गुरदासपुर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

पीएम ने हेलिकॉप्टर से नुकसान का जायजा लेने के बाद कांगड़ा में अधिकारियों और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ बैठक की। बैठक में उन्हें विस्तृत प्रेजेंटेशन दिखाया गया, जिसमें हजारों करोड़ का नुकसान दर्ज किया गया।

बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य के लिए 1500 करोड़ रुपए की विशेष सहायता की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि, केंद्र सरकार मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक मदद देगी।

इस दौरे में एक भावुक क्षण भी आया जब पीएम ने एक साल की बच्ची नितिका, जिसने अपने माता-पिता और दादी को बादल फटने से आई बाढ़ में खो दिया, उससे प्रधानमंत्री ने मुलाकात की। मोदी ने उसे गोद में उठाकर टॉफी दी। ये दृश्य वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम कर गया।

वहीं हिमाचल दौरे के बाद प्रधानमंत्री मोदी गुरदासपुर पहुंचे। यहां उन्होंने हेलिकॉप्टर से कई गांवों का सर्वे किया जो बाढ़ से पूरी तरह डूब चुके हैं। खेतों में खड़ी फसलें नष्ट हो गईं और गांवों के रास्ते बह गए। पीएम मोदी ने गुरदासपुर में करीब 19 किसानों, NDRF और SDRF की टीमों से मुलाकात की।

उन्होंने अधिकारियों और मंत्रियों के साथ बैठक की और राज्य के लिए 1600 करोड़ रुपए की सहायता राशि घोषित की। लेकिन पंजाब की आप सरकार ने इस घोषणा पर तीखी प्रतिक्रिया दी। पंजाब के कैबिनेट मंत्री बरिंदर गोयल ने कहा, “ये बहुत बड़ा मजाक है।

राज्य को जो नुकसान हुआ है, उसके सामने 1600 करोड़ की मदद ऊंट के मुंह में जीरे के बराबर है।” वहीं आम आदमी पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष अमन अरोड़ा ने कहा, “केंद्र ने पंजाबियों के जख्मों पर नमक छिड़का है। किसानों ने सबकुछ खो दिया और अब उन्हें सिर्फ सांत्वना दी जा रही है।”

साथ ही AAP नेताओं ने आरोप लगाते हुए कहा कि, केंद्र सरकार पंजाब के साथ हमेशा भेदभाव करती है। उनका कहना है कि, बाढ़ से यहां हजारों करोड़ का नुकसान हुआ है और सैकड़ों गांव पूरी तरह तबाह हो चुके हैं।

ऐसे में 1600 करोड़ की राशि किसानों के लिए राहत कम और अपमान ज्यादा लगती है। पंजाब में इस बार की बाढ़ ने खासतौर पर सीमावर्ती जिलों को प्रभावित किया। गुरदासपुर, पठानकोट और तरनतारन में खेत पानी में डूब गए। किसानों की धान और मक्के की फसल पूरी तरह बरबाद हो गई। PM मोदी से मिलने आए किसानों ने अपने दर्द को साझा किया।

NDRF और SDRF की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं। कई गांवों से लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में लोग अपने घर-बार छोड़कर अस्थायी कैंपों में रह रहे हैं। ये राहत पैकेज एक बार फिर केंद्र और राज्यों की राजनीति का मुद्दा बन गया है।

वहीं हिमाचल में कांग्रेस सरकार है और वहां मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने PM की घोषणा का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि, राज्य को इससे राहत मिलेगी और पुनर्निर्माण कार्य तेजी से हो सकेगा।

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