ष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के गायन को लेकर देशभर की सियासत में गर्माहट तेज है। आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति भी सातवें आसमान पर पहुंच गई है। शुरुआत की बात करें तो, कांग्रेस ने पहले वंदे मातरम् के केवल दो पंक्तियों के गायन का फैसला लिया है, जिसके बाद से राजनीतिक गलियारों में इस पर बहस तेज हो गई है।
हालांकि दूसरी ओर तेज होती सियासत को देखते हुए अब भाजपा ने इस पर कड़ा रुख अपनाया है। भाजपा ने कांग्रेस कार्यसमिति के वंदे मातरम् के फैसले के खिलाफ 10 बिंदुओं का कड़ा निंदा प्रस्ताव पारित किया। इतना ही नहीं पार्टी ने पूरे देश में राजनीतिक प्रदर्शन और जनसंपर्क अभियान चलाने का एलान किया है।
ऐसे में इस वैचारिक तकरार के बीच अब सवाल है कि क्या राष्ट्रीय गीत के गायन के नियमों का उल्लंघन करने पर किसी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है और है तो क्या-क्या सजा मिलेगी? आइए हम आपको बताते हैं।
अपमान पर ‘जन गण मन’ की तरह मिलेगी सजा
एक तरफ बढ़ता सियासी पारा और फिर संसद में पारित राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 के अस्तित्व में आने के बाद अब राष्ट्र गीत के अपमान या इसके गायन में बाधा डालने पर वही सजा मिलेगी जो अब तक राष्ट्र गान ‘जन गण मन’ के लिए तय था।
कांग्रेस के फैसले से कैसे तेज हुई सियासत?
बता दें कि यह विवाद सातवें आसमान पर तब पहुंचा, जब कांग्रेस कार्य समिति (CWC) ने अपने आधिकारिक कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ के गायन को पूरे छह छंदों के बजाय केवल पहले दो पदों तक सीमित रखने का निर्णय लिया।
इस फैसले के सामने आने के बाद राजनीतिक संग्राम छिड़ गया। आलोचकों और सत्तापक्ष ने कांग्रेस कार्यालयों में अतीत और वर्तमान के आयोजनों के दौरान इस ऐतिहासिक गीत के गायन को सीमित करने या बीच में रोकने की घटनाओं को आड़े हाथों लिया।
तमिलनाडु की मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय एक बार फिर से विपक्ष के निशाने पर हैं।…
डायरेक्टर प्रशांत वर्मा की फिल्म महाकाली एकबार फिर चर्चा में आ गई है. दरअसल, फिल्म…
पाकिस्तान सरकार ने पंजाब गृह विभाग की सिफारिश पर रावलपिंडी में अगले छह महीनों के…
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने संरक्षित…
नीति आयोग की एक नई रिपोर्ट ने चिंताजनक खुलासे किए हैं। भारत में 15 से…
मेषमन शांत रहेगा और सोचने-समझने की क्षमता बेहतर होगी। काम में धीरे-धीरे सुधार आएगा और…