रूस ने यूक्रेन पर फिर किए बड़े हवाई हमले
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध ने एक बार फिर यूरोप को हिला दिया है। रूस ने यूक्रेन पर अब तक के सबसे बड़े हवाई हमलों में से एक को अंजाम दिया। इस दौरान रूस ने 574 ड्रोन और 40 मिसाइलें दागीं। लगातार घंटों तक चली बमबारी से आसमान धुआं-धुआं हो गया और यूक्रेन के कई शहरों में दहशत का माहौल बन गया।
सूत्रों के अनुसार, उन्होंने इस हमले में आए ज्यादातर ड्रोन और मिसाइलों को मार गिराने में सफलता पाई, लेकिन फिर भी कई जगह भारी तबाही हुई। यह हमला ऐसे समय पर हुआ है, जब आने वाले दिनों में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की की संभावित मुलाकात की चर्चा हो रही है।
रूसी हमलों का सबसे ज्यादा असर पश्चिमी यूक्रेन में देखने को मिला। ल्वीव में एक व्यक्ति की मौत हो गई और दर्जनों घरों, इमारतों और एक किंडरगार्डन को नुकसान पहुंचा। इसी के साथ मुकाचेवो में अमेरिका की एक इलेक्ट्रॉनिक्स फैक्ट्री पर हमला किया गया। फैक्ट्री को भारी नुकसान हुआ और कई लोग घायल हुए।
कीव राजधानी पर भी कई मिसाइलें दागी गईं, हालांकि एयर डिफेंस सिस्टम ने ज्यादातर को नष्ट कर दिया।
हमले के वक्त सायरन लगातार बजते रहे। हजारों लोग भूमिगत शेल्टरों में छिपे रहे। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा गया कि किस तरह मिसाइलों के टुकड़े घरों और गाड़ियों पर गिर रहे थे। इसके बावजूद यूक्रेनी लोग हिम्मत नहीं हार रहे। ल्वीव की मेयर ने कहा “हमारे लोग थर्राए ज़रूर हैं, लेकिन झुके नहीं। हम एकजुट होकर रूस के हर हमले का जवाब देंगे।”
ज़ेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा कि यह हमला साबित करता है कि रूस युद्ध खत्म करने के लिए गंभीर नहीं है। “पुतिन केवल हिंसा की भाषा समझते हैं। यही कारण है कि युद्ध रोकने की कोशिश और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। हम अपने सहयोगियों से और कड़े कदम उठाने की अपील करते हैं।
” यूक्रेन पुतिन से तटस्थ जगह पर मिलने को तैयार है। इसके लिए उन्होंने स्विट्ज़रलैंड, ऑस्ट्रिया और तुर्की का इस्तांबुल तीन विकल्प दिए हैं।
इस मुलाकात की पृष्ठभूमि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता से बनी।
हाल ही में ट्रंप ने अलास्का में पुतिन से मुलाकात की थी और इसके बाद व्हाइट हाउस में ज़ेलेंस्की व यूरोपीय नेताओं की मेजबानी की थी। ट्रंप ने पुतिन और ज़ेलेंस्की के बीच त्रिपक्षीय वार्ता का सुझाव दिया था, हालांकि अब उन्होंने कहा है “शायद वे मेरे बिना ही मिलें, अगर जरूरत हुई तो मैं भी जाऊंगा।”
रूस की ओर से विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा है कि पुतिन मिलने को तैयार हैं, लेकिन पहले कुछ मुद्दों पर सहमति बननी चाहिए। इससे अंदेशा जताया जा रहा है कि वार्ता में फिर देरी हो सकती है।
यूक्रेनी सेना का कहना है कि उन्होंने 577 ड्रोन और कई मिसाइलों को गिरा दिया। फिर भी जो मिसाइलें और ड्रोन लक्ष्य तक पहुंचे, उन्होंने भारी नुकसान किया।
ल्वीव की एक महिला ने बताया “हम रात भर बेसमेंट में बैठे रहे। बच्चे रो रहे थे, हमें लग रहा था कि शायद सुबह नहीं देख पाएंगे।” एक फैक्ट्री कर्मचारी ने कहा कि “हमारे वर्कशॉप पर सीधा हमला हुआ। कई साथी घायल हुए। हम सबने सोचा था कि फैक्ट्री जैसी नागरिक जगहों को निशाना नहीं बनाया जाएगा। लेकिन रूस अब किसी भी सीमा का पालन नहीं कर रहा।”
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