Constables Brave Well Rescue

जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में पुलिस कांस्टेबल तेजपाल सिंह ने साहस और सूझबूझ की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी हर तरफ सराहना हो रही है। दौलतपुरा थाना क्षेत्र के चौंप गांव में मंगलवार सुबह एक 56 वर्षीय महिला करीब 50 फीट गहरे सूखे कुएं में गिर गई। मौके पर करीब 150 से 200 लोगों की भीड़ जमा हो गई, लेकिन कुएं की गहराई के कारण कोई नीचे उतरने की हिम्मत नहीं जुटा सका। इसी बीच मौके पर पहुंचे कांस्टेबल तेजपाल सिंह ने अपनी जान की परवाह किए बिना रस्सी के सहारे कुएं में उतरकर महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

सूचना मिलते ही 10 मिनट में पहुंची पुलिस
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार सुबह करीब 9 बजे पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि दौलतपुरा थाना क्षेत्र के चौंप गांव में एक महिला कुएं में गिर गई है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हो गई और करीब 10 मिनट के भीतर मौके पर पहुंच गई।

पुलिस टीम में महिला कांस्टेबल राजकिरण और चालक कांस्टेबल तेजपाल सिंह शामिल थे। घटनास्थल पर पहुंचने के बाद पुलिसकर्मियों ने देखा कि महिला करीब 50 फीट गहरे कुएं में फंसी हुई थी। आसपास ग्रामीणों की भीड़ जमा थी और सभी महिला को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिशों को लेकर चिंतित थे।

खाट और रस्सी बनी महिला के लिए जीवनरक्षक
कांस्टेबल तेजपाल सिंह ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तुरंत बचाव अभियान शुरू किया। उन्होंने ग्रामीणों से एक खाट और मजबूत रस्सी मंगवाई। इसके बाद खाट को रस्सियों की मदद से कुएं में नीचे उतारा गया।

तेजपाल सिंह खुद रस्सी के सहारे कुएं में उतरे। नीचे पहुंचकर उन्होंने महिला को संभाला और खाट पर सुरक्षित बैठाया। इसके बाद ऊपर मौजूद ग्रामीणों ने रस्सियों को खींचकर महिला को बाहर निकाला।

रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस के मौके पर पहुंचने के करीब 15 मिनट के भीतर महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद परिजन उसे उपचार के लिए नजदीकी निजी अस्पताल ले गए।

पारिवारिक विवाद के बाद घर से निकली थी महिला
पुलिस की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, महिला की पहचान चौंप गांव निवासी संतोष देवी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि परिवार में विवाद के बाद वह रात को घर से निकल गई थीं। परिजन उनकी तलाश कर रहे थे।

मंगलवार सुबह महिला अपने घर से करीब 200 मीटर दूर खेत में बने सूखे कुएं में गिर गईं। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, महिला ने कुएं में छलांग लगाई थी। हालांकि, दौलतपुरा थानाधिकारी महेंद्र सिंह यादव ने स्पष्ट किया कि महिला के बयान दर्ज होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

किसान का बेटा है बहादुर कांस्टेबल तेजपाल सिंह
कांस्टेबल तेजपाल सिंह जयपुर वेस्ट के दौलतपुरा थाने में तैनात हैं। वह वर्ष 2018 की पुलिस भर्ती से पुलिस सेवा में आए थे। मूल रूप से सुल्तानपुर निवासी तेजपाल एक किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता बाबूलाल गुर्जर खेती करते हैं, जबकि पत्नी विमला आंगनबाड़ी सहायिका के रूप में कार्यरत हैं।

तेजपाल सिंह तीन भाई-बहनों में सबसे बड़े हैं। जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहने वाले तेजपाल ने इस घटना में भी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए साहस का परिचय दिया।

डीसीपी प्रशांत किरण ने की बहादुरी की सराहना
घटना की जानकारी मिलने पर एडिशनल डीसीपी राजेश कुमार, चौमू एसीपी कृष्ण कुमार जांगिड़ और दौलतपुरा थानाधिकारी महेंद्र सिंह ने घटनाक्रम की जानकारी ली।

डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने कांस्टेबल तेजपाल सिंह के साहस की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने अपने कर्तव्य का बेहतरीन तरीके से निर्वहन किया है। उन्होंने पुलिसकर्मियों को इसी तरह जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए तत्पर रहने का संदेश दिया।

तेजपाल की बहादुरी ने पेश की मानवता की मिसाल
इस घटना ने एक बार फिर साबित किया कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि संकट में फंसे लोगों की जान बचाना भी उसकी अहम भूमिका है।

करीब 50 फीट गहरे कुएं में उतरना बेहद जोखिम भरा था, लेकिन कांस्टेबल तेजपाल सिंह ने हिम्मत और सूझबूझ से महिला की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके इस साहसिक कदम ने पुलिस सेवा और मानवता की एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की है।

By Deepak Arora

दीपक अरोड़ा एक मीडिया उद्यमी, डिजिटल रणनीतिकार और लेखक हैं। "दीपक की कलम से" के माध्यम से वे राजनीति, समाज, शिक्षा, मीडिया और समसामयिक मुद्दों पर अपने विचार और विश्लेषण पाठकों तक पहुँचाते हैं। उनकी लेखनी का उद्देश्य जागरूकता, संवाद और सकारात्मक सामाजिक चिंतन को बढ़ावा देना है।