अवैध बांग्लादेशियो को वापस क्यों नहीं भेजा जा रहा है। उन्हें भारत में ही क्यों हिरासत में रखा गया है, ये सवाल सुप्रीम कोर्ट ने उठाया है। इसके साथ ही केंद्र सरकार से इस बारे में जवाब भी मांगा है। दरअसल जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की पीठ ने इस बात पर जोर दिया कि जब किसी अवैध बांग्लादेशी प्रवासी को पकड़ा जाता है और विदेशी अधिनियम 1946 के तहत उसे दोषी ठहराया जाता है, तो उसकी सजा पूरी होने के तुरंत बाद उसे निर्वासित किया जाना चाहिए। पीठ ने पूछा कि विदेशी अधिनियम के तहत अपनी सजा पूरी करने के बाद फिलहाल कितने अवैध आप्रवासियों को विभिन्न सुधार गृहों में हिरासत में रखा गया है?
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