BJP नेता का वायरल संगीत मंच

Rajasthan Politics News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच चल रही सियासी बयानबाजी के बीच राजस्थान के बीकानेर से एक गीत चर्चा में आ गया है। ‘मोदी कहीं नहीं जाएंगे’ नाम का यह गीत बीजेपी नेता और कवि मुलतान बैद ने लिखा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी के बाद तैयार किए गए इस गीत को केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने भी गाया और इसकी सराहना की। अब यह गीत राजनीतिक गलियारों के साथ सोशल मीडिया पर भी चर्चा बटोर रहा है।

कौन हैं ‘मोदी कहीं नहीं जाएंगे’ गीत लिखने वाले मुलतान बैद?
मुलतान बैद राजस्थान के बीकानेर जिले के नापासर के रहने वाले हैं। वे भारतीय जनता पार्टी से लंबे समय से जुड़े हुए हैं और गंगाशहर क्षेत्र में संगठन के पदाधिकारी हैं। पार्टी के विभिन्न संगठनात्मक पदों पर काम कर चुके मुलतान बैद की पहचान एक राजनीतिक कार्यकर्ता के साथ कवि और साहित्य प्रेमी के रूप में भी है।

राजनीतिक गतिविधियों के अलावा मुलतान बैद को हिंदी और राजस्थानी भाषा में कविताएं और गीत लिखने का शौक है। वे अपनी रचनाओं के जरिए राजनीतिक और सामाजिक विषयों पर विचार व्यक्त करते रहे हैं। इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में लिखा उनका गीत सुर्खियों में आ गया है।

मल्लिकार्जुन खरगे के बयान के बाद लिखा गया गीत
दरअसल, बिहार की राजधानी पटना में एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर टिप्पणी की थी। उनके बयान पर बीजेपी ने कड़ी आपत्ति जताई, जिसके बाद दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हो गया।

इसी राजनीतिक घटनाक्रम के बीच मुलतान बैद ने ‘मोदी कहीं नहीं जाएंगे’ गीत की रचना की। गीत के जरिए प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और उनकी सरकार के कामकाज के समर्थन में संदेश दिया गया है। साथ ही विपक्ष की आलोचनाओं का जवाब देने की कोशिश की गई है।

गीत में बीजेपी का यह राजनीतिक दावा सामने रखा गया है कि प्रधानमंत्री मोदी को जनता का समर्थन हासिल है।

अर्जुन राम मेघवाल ने सुना गीत, फिर खुद भी गाने लगे
बीकानेर के सांसद और केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल भी इस गीत से प्रभावित नजर आए।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, शनिवार को बीकानेर में ‘रन फॉर यूनिटी’ कार्यक्रम में शामिल होने के बाद अर्जुन राम मेघवाल बीजेपी नेता कुणाल कोचर के आवास पर पहुंचे थे। यहां मुलतान बैद ने उन्हें अपने गीत के बारे में बताया।

गीत सुनने के बाद अर्जुन राम मेघवाल ने इसकी प्रशंसा की और खुद भी इसे गाया। इस दौरान का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें केंद्रीय मंत्री गीत गाते नजर आ रहे हैं।

अर्जुन राम मेघवाल की संगीत और गायन में भी रुचि रही है। ऐसे में मुलतान बैद की रचना को उनकी सराहना मिलने से यह गीत और अधिक चर्चा में आ गया।

सोशल मीडिया पर भी छाया ‘मोदी कहीं नहीं जाएंगे’ गीत
प्रधानमंत्री मोदी के समर्थन में तैयार किए गए गीत को बीजेपी के कई नेताओं ने सोशल मीडिया पर साझा किया है।

पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, बीजेपी नेता संबित पात्रा, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी समेत कई नेताओं ने इस गीत का वीडियो साझा किया।

गीत में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व का समर्थन करने के साथ कांग्रेस और विपक्षी दलों की आलोचना की गई है। बीजेपी इसे खरगे के बयान के जवाब के तौर पर प्रस्तुत कर रही है।

गीत के जरिए सियासी संदेश देने की कोशिश
राजनीति में भाषण, नारे और पोस्टर के साथ गीतों का इस्तेमाल भी लंबे समय से होता रहा है। राजनीतिक दल अपनी बात लोगों तक पहुंचाने और समर्थकों को जोड़ने के लिए संगीत का सहारा लेते रहे हैं।

बीकानेर के मुलतान बैद का यह गीत भी इसी तरह की राजनीतिक अभिव्यक्ति का उदाहरण है। कांग्रेस अध्यक्ष के बयान के बाद बीजेपी ने गीत के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया सामने रखी है।

वहीं, कांग्रेस और विपक्षी दल भी प्रधानमंत्री मोदी और केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर लगातार सवाल उठाते रहे हैं। ऐसे में यह गीत दोनों पक्षों के बीच चल रही राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा बन गया है।

बीकानेर के स्थानीय नेता की रचना राष्ट्रीय चर्चा में
मुलतान बैद अब तक बीकानेर में अपनी राजनीतिक और साहित्यिक गतिविधियों के लिए जाने जाते थे। लेकिन ‘मोदी कहीं नहीं जाएंगे’ गीत के बाद उनकी पहचान स्थानीय स्तर से आगे बढ़कर राष्ट्रीय राजनीतिक चर्चा तक पहुंची है।

केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल की सराहना और बीजेपी के अन्य नेताओं द्वारा गीत साझा किए जाने से मुलतान बैद की रचना को व्यापक मंच मिला है।

फिलहाल राजस्थान के इस बीजेपी नेता का लिखा गीत राजनीतिक बयानबाजी के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

By Deepak Arora

दीपक अरोड़ा एक मीडिया उद्यमी, डिजिटल रणनीतिकार और लेखक हैं। "दीपक की कलम से" के माध्यम से वे राजनीति, समाज, शिक्षा, मीडिया और समसामयिक मुद्दों पर अपने विचार और विश्लेषण पाठकों तक पहुँचाते हैं। उनकी लेखनी का उद्देश्य जागरूकता, संवाद और सकारात्मक सामाजिक चिंतन को बढ़ावा देना है।