Vatsalya Ganga Ashray: हरिद्वार में वात्सल्य गंगा आश्रय का लोकार्पण Vatsalya Ganga Ashray: हरिद्वार में वात्सल्य गंगा आश्रय का लोकार्पण

Vatsalya Ganga Ashray: हरिद्वार में वात्सल्य गंगा आश्रय का लोकार्पण

 

हरिद्वार में रविवार 1 जून 2025 के दिन श्रीकृष्ण कथा एवं वात्सल्य गंगा आश्रय के दिव्य प्रांगण का भव्य लोकार्पण हुआ.. कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की…. साथ ही दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता भी कार्यक्रम में मौजूद रहीं…

इतना ही नहीं कार्यक्रम में साध्वी ऋतंभरा, युग पुरुष स्वामी परमानंद महाराज और आचार्य बालकृष्ण समेत कई हस्तियां मौजूद रहीं।

इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समारोह को संबोधित करते समां बांधा और कहा कि, स्वामी परमानंद जी महाराज को शून्य से शिखर तक का ज्ञान है। और आज इन्हीं की प्रेरणा से हरिद्वार में वात्सल्य गंगा आश्रय का लोकार्पण हुआ।

वहीं पुष्कर सिंह धामी ने साध्वी ऋतंभरा को दीदी मां संबोधित करते हुए कहा कि, साध्वी ऋतंभरा वास्तव में वात्सल्य से भरी हुई है। आज दो उत्सव हम साथ में मना रहे है। क्योंकि हम और उत्तराखंड की जनता दिल्ली के पद्म भूषण वाले कार्यक्रम में नहीं थे। और आज उसके बाद ये हमारी आपसे ये पहली मुलाकात है। वहीं उन्होंने समस्त उत्तराखंड वासियों की तरफ से साध्वी ऋतभंरा को पदम भूषण की बधाईयां दी। और उनका अभिनंदन किया। कम कहकर ज्यादा करना दीदी मां का बेहद सुंदर तरीका है काम करने का।

वहीं उन्होंने दिल्ली में 27 वर्षों के बाद आई बीजेपी सरकार पर बोलते हुए कहा कि, अब दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता के सानिध्य में दिल्ली की छवि बदलने का काम किया जा रहा है। दिल्ली को आगे बढ़ाने के लिए सीएम रेखा गुप्ता ने तमाम तरह के अभियानों की शुरूआत की है। और बहुत सादगी से शासन और प्रशासन को चलाने का काम दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता कर रही है।

वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समान नागरिक संहिता पर बोलते हुए कहा कि, जिस प्रकार उत्तराखंड से मां गंगा निकलती है और पूरे भारत में जाकर अपना आशीर्वाद देती है उसी प्रकार उत्तराखंड से समान नागरिक संहिता की गंगोत्री निकल चुकी है जो अब अन्य राज्यों में भी जरूर पहुंचेगी। और आने वाले समय में पूरे भारत को इसका लाभ मिलने वाला है।

वही उन्होंने कहा कि जब जब साध्वी ऋतंभरा, परमानंद जी जैसे लोगों को वो देखते है तो उन्हें उत्तराखंड की डेमोग्राफी याद आती है। उत्तराखंड की डेमोग्राफी ना बदले इसके लिए हमने काम किय़ा है। लैंड जिहाद, लव जिहाद, थूक जिहाद को लेकर उन्होंने काम किया है।

आपको बता दें कि, इस पावन अवसर पर भक्ति, प्रेम और दिव्यता का अद्वितीय संगम देखने को मिला, जिसमें कृष्ण लीला की मधुरिमा से वहां मौजूद सभी गणमान्य लोगों का मन प्रफुल्लित हो गया और वात्सल्य गंगा आश्रय के उद्घाटन के साथ एक नए अध्याय का शुभारंभ हो गया…