उत्तर प्रदेश

UP Crime: प्रेमिका की शादी के लिए बीटेक छात्र बन गया फर्जी टीटीई, वाराणसी कैंट स्टेशन से गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां प्रेमिका से शादी के लिए एक बीटेक छात्र फर्जी टीटीई बन गया। इस युवक को वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया। रेलवे की सुरक्षा एजेंसियों जीआरपी और आरपीएफ ने इस युवक को स्टेशन के यात्री हाल के पास से गिरफ्तार किया, जहां वह यात्रियों को फर्जी टिकट उपलब्ध करवा रहा था।

गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान मध्य प्रदेश के रीवा जिले के अतरैला निवासी आदर्श जायसवाल के रूप में हुई है। पूछताछ में आदर्श ने बताया कि वह बीटेक की पढ़ाई पूरी कर चुका है लेकिन उसे अभी तक नौकरी नहीं मिली। बेरोजगारी के चलते उसके सामने कई तरह की चुनौतियां खड़ी हो गई थीं, और सबसे बड़ी चिंता यह थी कि वह जिस युवती से प्रेम करता है, उससे शादी नहीं कर पा रहा था। उसके परिजन इस रिश्ते के खिलाफ थे। यही कारण है कि आदर्श ने एक नया रास्ता अपनाते हुए खुद को रेलवे का टीटीई (ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर) बताना शुरू कर दिया ताकि वह परिजनों को अपनी स्थिर नौकरी और स्थिति दिखा सके।

आदर्श ने फर्जी टीटीई बनने के लिए एक साइबर कैफे से फर्जी रेलवे आईडी बनवाया और पूर्व मध्य रेलवे का आई कार्ड तैयार करवाया। साथ ही वह रेलवे टीटीई की वर्दी भी पहनने लगा ताकि लोगों को शक न हो। मोबाइल एप्स के जरिए वह फर्जी टिकट तैयार करता और यात्रियों को बेचता। 17 जून को उसने ज्योति किरण और गुनगुन नामक दो महिला यात्रियों को वाराणसी से लक्सर का टिकट जनता एक्सप्रेस में बी-3 कोच में बनाकर दिया। लेकिन ट्रेन के समय महिला यात्रियों को बी-3 कोच की जगह एम-2 कोच मिला जिससे उन्हें शक हुआ।

महिलाओं ने इस गड़बड़ी की शिकायत रेलवे के कमर्शियल स्टाफ से की और साथ ही अपने भाई विकास को भी इस मामले की जानकारी दी। दूसरी ओर एक अन्य मामला भी सामने आया जब दिनेश यादव नामक यात्री ने कैंट स्टेशन स्थित मुख्य आरक्षण केंद्र से मुंबई का ई-टिकट बुक किया था लेकिन उसे टिकट की स्टेटस में गड़बड़ी नजर आई। यात्री और आरोपी के बीच इसको लेकर कहासुनी भी हुई। इन घटनाओं के बाद रेलवे सुरक्षा एजेंसियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और आदर्श को धर दबोचा।

गिरफ्तारी के समय आदर्श के पास से पूर्व मध्य रेलवे का फर्जी आईडी कार्ड, टीटीई की वर्दी (एप्रन), और उसके मोबाइल में टिकट बुकिंग एप्स मिले। पूछताछ में उसने कबूल किया कि वह बेरोजगारी से परेशान था और अपने प्रेम संबंध को बनाए रखने के लिए उसने यह रास्ता चुना। पुलिस ने आदर्श के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और जांच जारी है।

जीआरपी इंस्पेक्टर रजोल नागर और आरपीएफ इंस्पेक्टर संदीप कुमार यादव ने बताया कि आरोपी की गतिविधियों पर पिछले कुछ दिनों से नजर रखी जा रही थी। आदर्श की गिरफ्तारी के बाद रेलवे स्टेशन पर टिकट की जांच व्यवस्था को और कड़ा किया गया है ताकि कोई और इस तरह की धोखाधड़ी न कर सके।

इस घटना ने रेलवे सुरक्षा तंत्र की सतर्कता को उजागर किया है। हालांकि आदर्श जायसवाल की मंशा भले ही प्रेम विवाह करने की रही हो, लेकिन उसका तरीका गैरकानूनी और जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ था। फर्जी टीटीई बनकर उसने कई यात्रियों को गलत टिकट दिए और रेलवे की व्यवस्था को चुनौती दी। यह घटना न सिर्फ अपराध है बल्कि बेरोजगारी और मानसिक दबाव के चलते युवाओं के गलत राह पर जाने की एक बानगी भी है।

पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या आदर्श इस धोखाधड़ी में अकेला था या उसके साथ कोई और भी शामिल था। साथ ही उस साइबर कैफे की भूमिका की भी जांच की जा रही है जहां से फर्जी आईडी बनाई गई थी। रेलवे विभाग ने यात्रियों से भी अपील की है कि वे केवल अधिकृत स्रोतों से ही टिकट बुक करें और किसी भी संदेहास्पद व्यक्ति की सूचना तुरंत रेलवे पुलिस को दें।

इस पूरी घटना ने समाज में यह सवाल खड़ा किया है कि क्या बेरोजगारी की समस्या युवाओं को अपराध की ओर धकेल रही है? क्या नौकरी की तलाश में भटकते युवा मानसिक रूप से इतने असहाय हो जाते हैं कि वे कानून तोड़ने से भी नहीं डरते? इस घटना ने प्रशासन और समाज दोनों को आत्ममंथन करने पर मजबूर कर दिया है।

फिलहाल आदर्श जेल में है और पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। उसके मोबाइल की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने कितने लोगों को इस तरह के फर्जी टिकट दिए हैं और कितनी आर्थिक धोखाधड़ी की है। रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी की सतर्कता से एक बड़ा फर्जीवाड़ा समय रहते पकड़ में आ गया, जिससे न केवल कई यात्रियों को नुकसान से बचाया गया बल्कि रेलवे की साख भी बनी रही।

आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है ताकि भविष्य में कोई और ऐसा न कर सके। यह मामला अब कोर्ट में जाएगा और उम्मीद की जा रही है कि आरोपी को उसकी गलती की सजा जरूर मिलेगी। साथ ही यह भी जरूरी है कि सरकार ऐसे युवाओं के लिए रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए ताकि वे अपने जीवन के फैसले गलत रास्तों पर जाकर न लें। यह घटना एक चेतावनी है – समाज के लिए, प्रशासन के लिए और सबसे अधिक हमारे युवाओं के लिए।

 

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