CM सुक्खू की MLA पत्नी कमलेश ठाकुर की मुश्किलें बढ़ींCM सुक्खू की MLA पत्नी कमलेश ठाकुर की मुश्किलें बढ़ीं

CM सुक्खू की MLA पत्नी कमलेश ठाकुर की मुश्किलें बढ़ीं

 

हिमाचल प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की पत्नी और देहरा विधानसभा से विधायक कमलेश ठाकुर के खिलाफ हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दाखिल होने जा रही है

उपचुनाव हारने वाले BJP प्रत्याशी होशियार सिंह ने दावा किया है कि, उनके पास ठोस सबूत हैं, जिनसे ये साबित होता है कि, आचार संहिता के दौरान सरकार ने सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करते हुए महिला मंडलों और महिलाओं को पैसे बांटे।

होशियार सिंह का कहना है कि, इसी आधार पर वे चुनाव परिणाम को चुनौती देंगे और हाईकोर्ट से देहरा उपचुनाव को रद्द करने की मांग करेंगे

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आपकों बता दें कि, 27 फरवरी 2024 को हुए राज्यसभा चुनाव में निर्दलीय विधायक होशियार सिंह ने BJP के पक्ष में वोट डाला था। जिसके बाद वे तीन अन्य निर्दलीय विधायकों और छह कांग्रेस विधायकों के साथ BJP में शामिल हो गए।

22 मार्च को उन्होंने बतौर विधायक इस्तीफा दिया और 23 मार्च को दिल्ली में आधिकारिक तौर पर BJP जॉइन कर ली। उनके इस्तीफे से देहरा विधानसभा सीट खाली हो गई, जिस पर 10 जुलाई 2024 को उपचुनाव हुआ।

इस चुनाव में BJP ने होशियार सिंह को टिकट दिया, जबकि कांग्रेस ने मुख्यमंत्री की पत्नी कमलेश ठाकुर को प्रत्याशी बनाया। 14 जुलाई को आए नतीजों में कमलेश ठाकुर ने 9399 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की, जबकि होशियार सिंह को हार का सामना करना पड़ा।

BJP प्रत्याशी होशियार सिंह का आरोप है कि, चुनाव जीतने के लिए सरकार ने कांगड़ा कोऑपरेटिव बैंक से 67 महिला मंडलों को 50-50 हजार रुपए दिए।

यही नहीं, चुनाव के दौरान देहरा विधानसभा क्षेत्र की 1000 महिलाओं को ‘इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना’ की तीन-तीन महीने की राशि सीधे उनके खातों में डाल दी गई।
उनका आरोप है कि, ये सब कुछ वोट हासिल करने के लिए किया गया और ये आचार संहिता का खुला उल्लंघन है।

होशियार सिंह का कहना है कि, इस मामले की जानकारी सरकार ने विधानसभा में भी छिपाई। उन्होंने जब RTI डाली तो पहले जवाब देने से इनकार किया गया, लेकिन अपील करने पर उन्हें आधिकारिक डॉक्यूमेंट मिल गए।

अब इन्हीं दस्तावेजों को आधार बनाकर उन्होंने अपने वकीलों के जरिए याचिका तैयार करवाई है। वे दो दिन के भीतर हाईकोर्ट में पिटीशन दाखिल करेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि,

“अगर सरकार समय पर सूचना दे देती तो मैं चुनाव आयोग के पास शिकायत करता, लेकिन चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार 45 दिन के भीतर शिकायत करनी होती है। जानकारी छिपाने की वजह से अब केवल हाईकोर्ट ही मेरा सहारा है।”

देहरा उपचुनाव में कैश फॉर वोट का मामला पहले भी विधानसभा में उठ चुका है। मानसून सत्र के दौरान BJP विधायक सुधीर शर्मा ने सवाल पूछा था, लेकिन सरकार ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। विपक्ष ने सदन में हंगामा भी किया और बाहर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ये आरोप दोहराया कि, महिला मंडलों और महिलाओं को बांटी गई रकम की जानकारी छिपाई गई।

वहीं होशियार सिंह ने हिमाचल के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल को भी लिखित शिकायत भेजी थी। उन्होंने मांग की थी कि, इस पूरे मामले की जांच कराई जाए और CM की पत्नी एवं देहरा की विधायक कमलेश ठाकुर को 6 साल के लिए अयोग्य घोषित किया जाए।

हालांकि अब ये मामला हाईकोर्ट तक पहुंचने जा रहा है। अगर कोर्ट इस पर सुनवाई शुरू करता है तो हिमाचल की राजनीति में एक बड़ा मोड़ आ सकता है। क्योंकि, अगर आरोप साबित होते हैं तो न सिर्फ देहरा उपचुनाव रद्द हो सकता है, बल्कि CM सुक्खू की पत्नी की सदस्यता भी खतरे में पड़ सकती है।

वहीं कांग्रेस का कहना है कि, BJP अपनी हार पचा नहीं पा रही और बेबुनियाद आरोप लगाकर जनता को गुमराह कर रही है।

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