जम्मू-कश्मीर

कहा जाता है कि, आत्मरक्षा और सुरक्षा में उठाया गया हथियार, जुर्म नहीं होता। कानून में भी इसके लिए अलग से प्रावधान किया गया है। वहीं अब सुरक्षा को कई पैमानों पर मापा जा रहा है। सेना, बल और ना जाने कितनी ही चीजों में सुरक्षा पहली प्राथमिकता बन गई है। हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर कहीं ना कहीं सवाल उठाए जा रहे है। J & K के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी बयान दिया है कि, मैं उन पर्यटकों की सुरक्षा करने में कहीं ना कहीं नाकामयाब रहा। लेकिन अब जब बारी है, उन मौतों का बदला लेने की, तो सरकार इस दिशा में हर संभव प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में जहां एक तरफ बैठकों का दौर जारी है, वही अब कश्मीर घाटी के संवेदनशील इलाकों में मौजूद 50 पार्कों और उद्यानों को बंद कर दिया गया है।

 

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