हरियाणा के कच्चे कर्मचारियों को सरकार ने दी बड़ी राहतहरियाणा के कच्चे कर्मचारियों को सरकार ने दी बड़ी राहत

हरियाणा के कच्चे कर्मचारियों को सरकार ने दी बड़ी राहत

 

हरियाणा सरकार ने प्रदेश के लगभग 1.20 लाख कच्चे कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला लिया है। जल्द ही उन्हें नौकरी की सुरक्षा मिलने जा रही है। जिसके लिए सरकार ने एक ऑनलाइन पोर्टल तैयार कर लिया है, जहां कर्मचारी अपनी सर्विस सिक्योरिटी के लिए आवेदन कर सकेंगे।

हालांकि, इसे पहले दो विभागों में ट्रायल के तौर पर शुरू किया जाएगा। अगर सब कुछ सफल रहा, तो इसे राज्य के सभी विभागों, बोर्डों और निगमों में लागू कर दिया जाएगा।

ये पोर्टल अगले हफ्ते से शुरू होने की संभावना है। इसे मानव संसाधन विभाग ने तैयार किया है। CM सैनी ने इस पर खुद समीक्षा की है और अपने मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर के साथ बैठक में इसे जल्द शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के समय से ही अस्थायी कर्मचारियों की नियुक्तियां हरियाणा कौशल रोजगार निगम के जरिए की जा रही हैं। अब मौजूदा सरकार ने फैसला किया है कि, हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत 5 साल सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को जॉब सिक्योरिटी दी जाएगी

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2024 के लोकसभा चुनाव में हरियाणा में BJP को 10 में से 5 सीटों पर हार का सामना करना पड़ा था। हार के बाद पार्टी की समीक्षा रिपोर्ट में ये सामने आया कि, कर्मचारी वर्ग सरकार से नाराज था, खासकर नौकरी की असुरक्षा को लेकर।

जिसके बाद CM सैनी ने विधानसभा चुनाव से पहले 1.20 लाख अस्थायी कर्मचारियों को जॉब सिक्योरिटी देने की घोषणा की थी।

सरकार ने कैबिनेट मीटिंग बुलाकर अध्यादेश पास किया और 15 अगस्त 2024 को अधिसूचना जारी भी कर दी। जिसके बावजूद कई विभागों ने इस अध्यादेश को लागू नहीं किया। अधिकारियों का मानना था कि, शायद सरकार बदल जाएगी, लेकिन अक्टूबर 2024 में तीसरी बार BJP सरकार बनने के बाद उम्मीदें फिर जगीं।

सरकार ने विधानसभा में विधेयक पारित कर अध्यादेश को स्थायी कानून में बदल दिया…. राज्यपाल की मंजूरी के बाद कानून लागू भी हुआ, पर अफसरशाही की सुस्ती के कारण ये जमीनी स्तर पर लागू नहीं हुआ

जिसके बाद सरकार ने ‘हरियाणा संविदा कर्मचारी सेवा सुरक्षा एक्ट, 2024’ के तहत 2025 में नियम नोटिफाई किए… इन नियमों में उन सभी बिंदुओं को स्पष्ट किया गया, जिनके चलते पहले कर्मचारियों को लाभ नहीं मिल पा रहा था।

उदाहरण के लिए, आउटसोर्सिंग पॉलिसी पार्ट-1 के तहत काम कर रहे कर्मचारियों को सर्विस सिक्योरिटी से बाहर रखा गया था। अब सरकार ने साफ किया है कि, HKRN में पोर्ट हुए और न हुए दोनों तरह के कर्मचारी आवेदन कर सकते हैं।

मुख्य सचिव के आदेश के मुताबिक ‘हरियाणा संविदा कर्मचारी नियम, 2025’ को 5 अगस्त को गजट में जारी किया गया। बड़ी संख्या में कर्मचारी अब जॉब सिक्योरिटी के लिए आवेदन कर रहे हैं, जिससे विभागों को कई सवालों के जवाब चाहिए।

सरकार ने निर्देश दिया है कि, कोई भी विभाग मानव संसाधन विभाग से अलग सलाह न ले, क्योंकि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने वाली है। जैसे ही पोर्टल शुरू होगा, सभी आवेदन ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे, इसलिए विभागों को कर्मचारियों को पोर्टल के शुरू होने तक इंतजार करने के निर्देश दिए गए हैं।

इस पोर्टल के माध्यम से हर कर्मचारी अपनी सर्विस डिटेल्स भरकर जॉब सिक्योरिटी के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेगा। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और ट्रैक करने योग्य होगी।

हर विभाग के अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी, जिससे कोई भी पात्र कर्मचारी वंचित नहीं रहेगा। ये सिस्टम भ्रष्टाचार और मनमानी नियुक्तियों पर रोक लगाने में मदद करेगा।

फिलहाल सरकार इस पोर्टल का ट्रायल दो विभागों में करेगी। जिसके बाद राज्य के सभी बोर्ड, निगम और विभाग इससे जुड़ जाएंगे। अगर सब कुछ योजना के अनुसार चला, तो दिसंबर 2025 से सभी कच्चे कर्मचारियों को सर्विस सिक्योरिटी का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।

हरियाणा सरकार के इस कदम से लंबे समय से असुरक्षा झेल रहे अस्थायी कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है। अब सबकी नजरें पोर्टल के लॉन्च और इसके ट्रायल की सफलता पर टिकी हैं।