किसान हित और जनकल्याण को समर्पित छत्तीसगढ़ सरकार के फैसले ऐतिहासिक एवं सराहनीय : जितेंद्र वर्मा…

रायपुर – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों का स्वागत करते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मंत्री श्री जितेंद्र वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के फैसले किसानों, आम नागरिकों और शासकीय सेवकों के हितों को प्राथमिकता देने वाला हैं। धान खरीदी की तैयारियों से लेकर घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को राहत और शासकीय सेवकों एवं उनके परिवारों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा की मंजूरी तक, ये निर्णय प्रदेश में सुशासन, संवेदनशीलता और जनकल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता हैं।

प्रदेश मंत्री जितेंद्र वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार किसानों की मेहनत का सम्मान करते हुए उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में 15 नवंबर 2026 से धान खरीदी प्रारंभ करने का निर्णय किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रदेश के 27.50 लाख से अधिक किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदा जाएगा। इससे किसानों को अपनी उपज का निर्धारित मूल्य प्राप्त करने का अवसर मिलेगा और कृषि आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

प्रदेश मंत्री वर्मा ने कहा कि धान खरीदी के लिए पिछले वर्ष पंजीकृत एग्रीस्टेक आईडी युक्त किसानों को पुनः पंजीयन से छूट देना सरकार का किसान हितैषी निर्णय है। इससे किसानों को अनावश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया से राहत मिलेगी और समय की बचत होगी। एग्रीस्टेक में पंजीयन होने के कारण धान विक्रय के लिए अलग से ऋण पुस्तिका समिति में लाने की आवश्यकता नहीं होगी। डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से रकबे का ऑनलाइन निर्धारण और बायोमेट्रिक आधारित खरीदी की व्यवस्था पारदर्शिता बढ़ाने तथा वास्तविक किसानों से धान खरीदी सुनिश्चित करने में सहायक होगी।

प्रदेश मंत्री जितेंद्र वर्मा ने कहा कि प्रदेश में 360 नए धान उपार्जन केंद्र शुरू करने का निर्णय भी स्वागतयोग्य है। इससे इस वर्ष कुल 3100 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से धान खरीदी की जाएगी। अधिक केंद्र उपलब्ध होने से किसानों को अपने नजदीकी केंद्र पर उपज बेचने में सुविधा मिल सकती है और खरीदी व्यवस्था पर दबाव कम करने में मदद मिलेगी। सरकार का यह प्रयास किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और धान खरीदी प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही, खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के अतिशेष धान की नीलामी के माध्यम से निराकरण संबंधी निर्णय का अनुसमर्थन धान के बेहतर प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण है।

प्रदेश मंत्री जितेंद्र वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान (एम-ऊर्जा) योजना के अंतर्गत घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक बिजली बिल में दी जा रही रियायत जारी रखने के निर्णय का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मासिक विद्युत खपत 400 यूनिट तक होने पर योजना का लाभ लेने की पात्रता अवधि 30 सितंबर 2026 से बढ़ाकर 31 मार्च 2027 तक करना आम परिवारों के लिए राहतकारी है। लगभग 7.25 लाख घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को इस योजना का लाभ निरंतर मिलता रहेगा। बिजली बिल में राहत से परिवारों के घरेलू बजट पर पड़ने वाला आर्थिक दबाव कम करने में सहायता मिलेगी और वे अपनी आय का उपयोग अन्य आवश्यकताओं पर कर सकेंगे।

श्री जितेंद्र वर्मा ने शासकीय सेवकों एवं उनके आश्रित परिवारजनों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने को भी महत्वपूर्ण जनहितकारी निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में उपचार के समय चिकित्सा व्यय का भुगतान स्वयं करने और बाद में प्रतिपूर्ति के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरने की आवश्यकता नहीं होगी। पूर्व-अनुमोदन और दावों की प्रक्रिया ऑनलाइन एवं डिजिटल माध्यम से होने से व्यवस्था अधिक सुविधाजनक बनेगी। विशेष रूप से गंभीर बीमारी और आपातकाल की स्थिति में यह सुविधा शासकीय सेवकों और उनके परिवारों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने तथा तत्काल आर्थिक बोझ कम करने में सहायक होगी।

श्री वर्मा ने कहा कि इन निर्णयों से स्पष्ट है कि प्रदेश सरकार किसानों की समृद्धि, आम जनता को आर्थिक राहत और शासकीय सेवकों के कल्याण के लिए समन्वित रूप से कार्य कर रही है। किसान को उपज का निर्धारित मूल्य, परिवारों को बिजली बिल में राहत और कर्मचारियों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराने वाले ये कदम जनविश्वास को मजबूत करते हैं।

उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं मंत्रिपरिषद के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य योजनाओं और सुविधाओं का लाभ समाज के प्रत्येक पात्र वर्ग तक पहुंचाना है। सरकार के ये निर्णय किसान हित, जनहित और कर्मचारी कल्याण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हैं।

News Desk

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