2 दिन बाद शुरू होंगे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026, जानिए क्यों है यह सबसे छोटा संस्करण ?

कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG) 2026 की शुरुआत अब सिर्फ दो दिन बाद, 23 जुलाई से होने जा रही है। यह टूर्नामेंट 2 अगस्त तक स्कॉटलैंड के ग्लासगो शहर में आयोजित होगा। हालांकि इस बार खेलों को लेकर पहले जैसा उत्साह देखने को नहीं मिल रहा है, क्योंकि यह पिछले तीन दशकों का सबसे छोटा कॉमनवेल्थ गेम्स होने जा रहा है। इस बार केवल 10 खेल शामिल किए गए हैं, जबकि बैडमिंटन, हॉकी, कुश्ती, शूटिंग, क्रिकेट और टेबल टेनिस जैसे कई लोकप्रिय खेलों को कार्यक्रम से बाहर रखा गया है।

ग्लासगो 12 वर्षों के भीतर दूसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी कर रहा है। इससे पहले शहर ने 2014 में भी सफलतापूर्वक इस टूर्नामेंट का आयोजन किया था। इसके साथ ही ग्लासगो इतिहास का पहला शहर बन गया है जिसने इतने कम अंतराल में दूसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की है। शुरुआत में 2026 गेम्स की मेजबानी ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य को मिली थी, लेकिन बढ़ती लागत के कारण जुलाई 2023 में वहां की सरकार ने आयोजन से पीछे हटने का फैसला कर लिया।

इसके बाद जब कोई दूसरा मेजबान सामने नहीं आया, तो अप्रैल 2024 में ग्लासगो ने कम बजट में टूर्नामेंट आयोजित करने का प्रस्ताव दिया। खर्च कम रखने के लिए 2014 के गेम्स में इस्तेमाल किए गए स्टेडियम और अन्य सुविधाओं का दोबारा उपयोग किया जा रहा है। इस बार अलग से एथलीट्स विलेज नहीं बनाया गया है। खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था शहर के होटलों और स्थानीय विश्वविद्यालयों के छात्र आवासों में की जाएगी। प्रतियोगिताएं कुल सात वेन्यू पर आयोजित होंगी।

कॉमनवेल्थ गेम्स में 1994 के बाद पहली बार केवल 10 खेल शामिल किए गए हैं। भारत के लिए पदकों की उम्मीद वाले कई खेल, जैसे बैडमिंटन, कुश्ती, हॉकी और शूटिंग, इस बार कार्यक्रम का हिस्सा नहीं हैं। टीम स्पोर्ट्स में सिर्फ नेटबॉल को जगह मिली है, जबकि बास्केटबॉल का 3×3 प्रारूप भी शामिल किया गया है। इसके अलावा आयोजन का खर्च कम करने के लिए मैराथन, रेस वॉकिंग, माउंटेन बाइकिंग और रोड साइक्लिंग जैसे आउटडोर इवेंट भी हटा दिए गए हैं। लॉन बाउल्स भी इस बार खुले मैदान की बजाय इंडोर फॉर्मेट में खेला जाएगा।

ग्लासगो 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में कुल 10 खेल शामिल हैं, जिनमें 6 पैरा स्पोर्ट्स भी शामिल किए गए हैं। कम बजट, सीमित खेलों और बदले हुए आयोजन प्रारूप के कारण यह संस्करण कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में सबसे अलग और सबसे छोटा माना जा रहा है।

ये भी पढ़ें:

admin

Recent Posts

हर 5 में से 1 भारतीय कॉलेज स्टूडेंट ने शुरू किया बिजनेस, सरकारी नौकरी का क्रेज घटा

शिमला  इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (IIT) मंडी ने REVA यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु के साथ पार्टनरशिप में…

44 minutes ago

एमसीडी सदन में भारी हंगामा, महापौर के आसन पर फेंके कागज

एमसीडी सदन में बवाल: महापौर के आसन पर रखे कागज फेंके, माइक तोड़कर नीचे पटका,…

2 hours ago

एमसीडी सदन में भारी हंगामा, महापौर के आसन पर फेंके कागज

एमसीडी सदन में बवाल: महापौर के आसन पर रखे कागज फेंके, माइक तोड़कर नीचे पटका,…

2 hours ago

नेतन्याहू ने पीएम मोदी को इस्राइल के स्वतंत्रता दिवस पर दिया न्योता

नेतन्याहू की पीएम मोदी से बात: इस्राइली स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने का दिया न्योता,…

2 hours ago

पीडब्ल्यूडी सचिव ने सड़कों, पुलों, कॉलेज भवन और विश्राम गृह का किया निरीक्षण, गुणवत्ता में लापरवाही पर जताई नाराजगी….

रायपुर: लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज राजनांदगांव और डोंगरगांव…

2 hours ago