पंजाब: तरनतारन उपचुनाव ने आए नतीजेपंजाब: तरनतारन उपचुनाव ने आए नतीजे

पंजाब: तरनतारन उपचुनाव ने आए नतीजे

 

पंजाब की तरनतारन विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) ने एक बार फिर अपना दबदबा साबित कर दिया है। पार्टी उम्मीदवार हरमीत संधू ने 12,091 वोटों के बड़े अंतर से शानदार जीत दर्ज की

उन्हें कुल 42,649 वोट मिले, जिसके बाद हरमीत संधू चौथी बार इस सीट से जनता के प्रतिनिधि चुन लिए गए। इस पूरे चुनाव में AAP का ग्राफ लगातार ऊपर रहा। शुरुआती राउंड में मामूली पीछे रहने के बाद हरमीत संधू धीरे-धीरे आगे निकलते गए और अंत तक अपनी बढ़त मजबूत करते चले गए।

तरनतारन उपचुनाव का सबसे बड़ा संदेश ये रहा कि, पंजाब की तीन बड़ी पार्टियां कांग्रेस, BJP और शिअद—जमीन पर संघर्ष करती नजर आईं।
अकाली दल की उम्मीदवार सुखविंदर कौर रंधावा को 30,558 वोट मिले और वे दूसरे स्थान पर रहीं

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शुरुआती दौर में वे आगे भी थीं, लेकिन जैसे-जैसे गिनती बढ़ती गई, AAP के हरमीत संधू ने मुकाबले को पूरी तरह पलट दिया।

हालांकि चौंकाने वाली बात ये रही कि, कांग्रेस को इस उपचुनाव में महज 15,078 वोट मिले, और वह चौथे स्थान पर आ गई। कांग्रेस लंबे समय से ये दावा करती रही थी कि, वो पंजाब में AAP का प्रमुख विकल्प है, लेकिन नतीजों ने उस दावे की हवा निकाल दी।

कांग्रेस उम्मीदवार अपनी जमानत भी नहीं बचा पाए, जो पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका है।

इस उपचुनाव का सबसे दिलचस्प और अप्रत्याशित प्रदर्शन अमृतपाल सिंह समर्थित पार्टी अकाली दल की ओर से देखने को मिला। जिसके उम्मीदवार मनदीप सिंह खालसा ने कांग्रेस को पछाड़ते हुए तीसरा स्थान हासिल किया।

शुरुआत में मनदीप खालसा गिनती में काफी पीछे थे, लेकिन बाद में उन्होंने तेजी से वोट जुटाए और तीसरे नंबर पर पहुंचकर सभी को हैरान कर दिया।

मतगणना के बाद उन्होंने कहा कि, पंजाब की राजनीति में बड़ा बदलाव तभी संभव है जब अकाली दल एकजुट होकर मैदान में उतरे। उनका बयान संकेत देता है कि, आने वाले समय में पंजाब की राजनीति में नए समीकरण बन सकते हैं।

BJP के लिए ये उपचुनाव बेहद निराशाजनक रहा। पार्टी उम्मीदवार 10 हजार वोट भी हासिल नहीं कर सके और सिर्फ 6,239 वोटों पर सिमटकर चौथे-पांचवें पायदान पर रह गए।

ये नतीजा इस बात की ओर इशारा करता है कि, पंजाब में BJP का जनाधार लगातार कमजोर हो रहा है और पार्टी को 2027 चुनावों से पहले बहुत काम करने की जरूरत है।

जीत के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री और AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि, पंजाब की जनता काम की राजनीति चाहती है। उन्होंने दावा किया कि, भगवंत मान की सरकार ने ईमानदार शासन देकर लोगों का भरोसा जीता है।

केजरीवाल ने इस जीत को “जनता की जीत” बताया और कहा कि, ये मेहनती कार्यकर्ताओं की लगन का परिणाम है।

इस बीच, सुखविंदर कौर रंधावा की हार के संकेत मिलते ही वे मतगणना केंद्र छोड़कर घर चली गईं। दूसरी तरफ, AAP के कार्यकर्ताओं ने बड़ी जीत का जश्न मनाया।
ये उपचुनाव पंजाब की मौजूदा राजनीति का साफ संकेत देता है कि, AAP अभी भी जमीन पर मजबूत है।

अकाली दल संघर्ष कर रहा है लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं। कांग्रेस का जनाधार तेजी से खिसक रहा है। BJP पंजाब की राजनीति में अभी हाशिये पर है। वारिस पंजाब दे जैसी छोटी पार्टियां भी बड़ा असर पैदा करने लगी हैं।

तरनतारन के नतीजों ने ये स्पष्ट कर दिया कि, 2027 के चुनावों में मुकाबला काफी दिलचस्प होने वाला है और नए राजनीतिक गठजोड़ भी देखने को मिल सकते हैं।