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सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शनिवार को हुई हिमाचल कैबिनेट की बैठक में राज्य के विकास और आम लोगों को राहत देने वाले कई अहम फैसले लिए गए। लेकिन इस मीटिंग में डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री, उद्योग मंत्री हर्ष वर्धन चौहान, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर और PWD मंत्री विक्रमादित्य सिंह इस बैठक में शामिल नहीं हुए। जिससे कयास लगने लगे हैं कि हिमाचल की कांग्रेस सरकार में सबकुछ ठीक नहीं है। हांलाकि ऐसा कहना अभी जल्दबाजी होगी। लेकिन कैबिनेट मीटिंग नें 4 मंत्रियों का ना पहुंचाना कयासों को भी नकार नहीं सकता।  बताया जा रहा है कि प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर चौपाल में एक कार्यक्रम में थे, जबकि बाकी निजी कारणों से अनुपस्थित रहे। हांलाकि इन मंत्रियों की गैरमौजूदगी में भी कैबिनेट बैठक में कई फैसले लिए गए।

कैबिनेट मीटिंग में लिए गए बड़े फैसले

इनमें 500 पशु मित्रों की भर्ती, PWD कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि, सौर ऊर्जा परियोजनाओं को अनुदान, और पंचायत स्तर पर आपातकालीन केंद्रों की स्थापना शामिल हैं। राज्य सरकार ने 500 पशु मित्रों की भर्ती का निर्णय लिया है। इन्हें 5 साल तक हर महीने 5000 रुपये मानदेय दिया जाएगा। इसके साथ ही PWD के करीब 5000 मल्टी टास्क वर्करों का मासिक मानदेय बढ़ाकर 5000 से 5500 रुपये कर दिया गया है। वहीं हिमाचल पर्यटन विकास निगम (HPTDC) का मुख्यालय अब शिमला से धर्मशाला शिफ्ट किया जाएगा।

दूध उत्पादकों को मिलेगा सीधा लाभ

दूध सप्लाई करने वाले किसानों के लिए दूध प्रोत्साहन योजना शुरू की गई है।  इसके तहत किसानों को प्रति लीटर 3 रुपये की सब्सिडी DBT के जरिए दी जाएगी। कैबिनेट मीटिंग में फैसला लिया गया है कि राज्य में 100 पंचायतों में 500 किलोवाट क्षमता वाले सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए जाएंगे। इससे हर पंचायत को हर महीने 25 लाख रुपये तक की आमदनी होगी। इस आमदनी में 30% हिम ऊर्जा को, 20% राज्य सरकार को और 40% पंचायतों को मिलेगा। पंचायतों को अनाथों और विधवाओं के लिए अतिरिक्त 10% हिस्सा दिया जाएगा। वहीं मानसून में संभावित आपदाओं से निपटने के लिए राज्य की 3645 पंचायतों में आपातकालीन प्रतिक्रिया केंद्र (Emergency Response Centers) स्थापित किए जाएंगे। इससे आपदा की स्थिति में तेजी से राहत पहुंचाई जा सकेगी।