नीदरलैंड्स के द हेग को दुनिया में ‘सिटी ऑफ पीस’ यानी शांति का शहर कहा जाता है। इसी ऐतिहासिक शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए भारत की बदलती तस्वीर और वैश्विक भूमिका पर विस्तार से बात की। यह संबोधन उनके पांच देशों के विदेश दौरे का हिस्सा है, जिसे कूटनीतिक और आर्थिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है।
“आज का भारत बड़े सपने देख रहा है”
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज भारत सिर्फ सपने नहीं देख रहा, बल्कि उन्हें साकार भी कर रहा है। उन्होंने चंद्रयान मिशन का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने चांद के उस हिस्से तक पहुंचकर इतिहास रच दिया, जहां अब तक कोई देश नहीं पहुंच पाया था। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धियां भारत की वैज्ञानिक क्षमता और आत्मनिर्भरता का प्रमाण हैं, जो देश को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही हैं।
भारतीय संस्कृति की वैश्विक पहचान
पीएम मोदी ने कहा कि समय के साथ दुनिया बदल गई है, लेकिन भारत की संस्कृति और परंपराएं आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं। उन्होंने प्रवासी भारतीयों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि नीदरलैंड्स की नेतृत्व व्यवस्था हमेशा भारतीय समुदाय की प्रशंसा करती रही है। उन्होंने यह भी कहा कि भले ही परिस्थितियां बदल जाएं, लेकिन भारत का अपनापन और सांस्कृतिक मूल्यों की ताकत कभी कमजोर नहीं होती।
सेमीकंडक्टर और टेक्नोलॉजी पर जोर
प्रधानमंत्री ने भारत की तकनीकी प्रगति पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि देश में इस समय 12 सेमीकंडक्टर प्लांट्स पर काम चल रहा है, जिनमें से दो प्लांट्स में उत्पादन भी शुरू हो चुका है। यह कदम भारत को वैश्विक टेक्नोलॉजी सप्लाई चेन में मजबूत स्थिति में लाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
डिजिटल इंडिया और स्टार्टअप इकोसिस्टम
पीएम मोदी ने कहा कि भारत डिजिटल क्रांति के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने बताया कि देश में यूपीआई (UPI) ट्रांजैक्शन सिस्टम ने वित्तीय लेनदेन को बेहद आसान बना दिया है और यह दुनिया में डिजिटल पेमेंट्स का बड़ा मॉडल बन चुका है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि भारत में 2 लाख से ज्यादा स्टार्टअप सक्रिय हैं, जो देश को नवाचार और उद्यमिता का वैश्विक केंद्र बना रहे हैं।
हेल्थ और इंश्योरेंस सेक्टर में बदलाव
प्रधानमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि भारत दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी फंडेड हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम का संचालन कर रहा है, जिसका उद्देश्य गरीब और मध्यम वर्ग को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
ट्यूलिप और कमल का प्रतीक
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने सांस्कृतिक तुलना करते हुए कहा कि जैसे नीदरलैंड्स ट्यूलिप के लिए प्रसिद्ध है, वैसे ही भारत कमल के लिए जाना जाता है। यह तुलना दोनों देशों की सांस्कृतिक पहचान को दर्शाती है।
चुनाव और लोकतंत्र पर भी टिप्पणी
प्रधानमंत्री ने भारत के लोकतंत्र का जिक्र करते हुए हाल के विधानसभा चुनावों में पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड मतदान को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
वैश्विक चुनौतियों पर चेतावनी
पीएम मोदी ने वैश्विक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि बीता दशक दुनिया के लिए आपदाओं से भरा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मौजूदा हालात में सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले समय में यह संकट और गहरा सकता है और दुनिया को लंबे समय तक इसके प्रभाव झेलने पड़ सकते हैं।
भारत की वैश्विक भूमिका पर फोकस
द हेग में दिया गया यह संबोधन भारत की बदलती वैश्विक भूमिका, तकनीकी प्रगति और आर्थिक मजबूती का संदेश देता है। प्रधानमंत्री के अनुसार भारत अब सिर्फ एक उभरती अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि वैश्विक समाधान का हिस्सा बनता जा रहा है।
