रणजी ट्रॉफी में भी रोहित शर्मा का बल्ला खामोश, बचाव में उतरे मुंबई के कप्तान

भारतीय क्रिकेट टीम के वनडे और टेस्ट टीम के कप्तान रोहित शर्मा 9 साल 3 महीने बाद रणजी में खेलने उतरे थे। सभी कि निगाहें उन्हीं पर थी लेकिन उनके हाथ सिर्फ निराशा लगी। रोहित शर्मा एक बार फिर कुछ खास नहीं कर सकें। मुंबई के बीकेसी मैदान पर मुंबई की टीम जम्मू-कश्मीर से खेलने उतरी थी। मौजूदा समय में रोहित खराब फॉर्म से गुजर रहे है। बॉर्डर गवास्कर ट्रॉफी में भी उनका बल्ला खामोश रहा था। तीन मैचों में सिर्फ रोहित 31 रन ही बना सके थे।

वहीं, इस बीच रोहित शर्मा को मुंबई टीम के कप्तान अंजिक्ये रहाणे का साथ मिला। उन्होंने कहा कि, “देखिए रोहित, रोहित है। हम जानते हैं। आपको भी पता है रोहित का करैक्टर। मैं बहुत खुश हूं दोनों को मुंबई के ड्रेसिंग रूम में वापस देखते हुए। रोहित हमेशा ही रिलेक्स रहते है। फिर चाहे वह इंटरनेशनल लेवल खेले, उनका करैक्टर हमेशा ही एक जैसा रहा है। उनका रवैया हमेशा रिलेक्स वाला रहा है। वह अपना गेम अच्छे से जानते हैं और किसी को भी उन्हें बताने की जरूरत नहीं। मुझे यकीन है कि अगर वह आया तो वह शानदार खेलेगा। रोहित बिल्कुल नहीं बदले, जो कि काफी अच्छी चीज है।”

बता दें कि, रोहित शर्मा महज 3 रन बनाकर पीके डोगरा के हाथों उमर नजीर की गेंद पर लपके गए। जम्मू-कश्मीर और मुंबई के बीच आज यानि 23 जनवरी से शुरू हुए मुकाबले में कप्तान अंजिक्य रहाणे ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। इस मैच में रोहित और यशस्वी दोनों ही फ्लॉप रहे। यशस्वी 4 रन बनाकर आकिब नबी की गेंद पर एलब्यूडब्लयू आउट हुए तो वहीं, रोहित 3 रन बनाकर आउट हो गए।

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