WhatsApp Image 2025 01 14 at 11.26.51 AM

राहुल गांधी की रैली और बयान
राहुल गांधी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र सोमवार को सीलमपुर विधानसभा इलाके में अपनी पहली रैली की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला किया। राहुल ने कहा कि दोनों नेताओं में कई समानताएँ हैं, खासकर उनके द्वारा अडाणी समूह के बारे में चुप्पी साधने को लेकर। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मोदी और केजरीवाल दोनों ही अडाणी पर एक शब्द नहीं बोलते हैं, जबकि भारत में 150 अरबपति हैं, जो देश के संसाधनों पर नियंत्रण रखते हैं और इन अरबपतियों का पूरा फायदा मोदी और केजरीवाल को मिल रहा है।

राहुल गांधी ने कहा, “अडाणी और अंबानी, दोनों मोदी की मार्केटिंग करते हैं। कांग्रेस एक ऐसा देश चाहती है, जो अरबपतियों का देश न हो।” उन्होंने यह भी कहा कि मोदी और केजरीवाल ने महंगाई को कम करने का वादा किया था, लेकिन वे इसमें नाकाम रहे। उन्होंने यह आरोप लगाया कि देश में गरीब और गरीब होते जा रहे हैं, जबकि अमीर और अमीर होते जा रहे हैं।

केजरीवाल का जवाब: राहुल की लड़ाई कांग्रेस बचाने की है
राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देने के लिए अरविंद केजरीवाल ने X (पूर्व में ट्विटर) पर बयान दिया। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी जी दिल्ली आए और उन्होंने मुझे बहुत गालियाँ दीं, लेकिन मैं उनके बयानों पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा। उनकी लड़ाई कांग्रेस बचाने की है, जबकि मेरी लड़ाई देश बचाने की है।” केजरीवाल ने याद दिलाया कि जब वह दिल्ली में आए थे, तो शीला दीक्षित की सरकार थी और उन्होंने दावा किया था कि वह दिल्ली को साफ-सुथरा और भ्रष्टाचार मुक्त बना देंगे। लेकिन अब दिल्ली में प्रदूषण बढ़ गया है, और कैंसर जैसी बीमारियाँ आम हो गई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या केजरीवाल ने भ्रष्टाचार को खत्म किया?

केजरीवाल ने कहा, “पिछड़ों को उनका हक नहीं मिल रहा है। दिल्ली में संसाधनों का असमान वितरण हो रहा है, और हम समानता चाहते हैं।” उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या केजरीवाल पिछड़ों के लिए आरक्षण और जाति जनगणना कराना चाहते हैं।

राहुल गांधी की विचारधारा पर टिप्पणी
राहुल गांधी ने मोदी और केजरीवाल के खिलाफ हमले के दौरान यह भी कहा कि भाजपा लोगों को आपस में लड़वाने का काम करती है। उन्होंने यह आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी और भाजपा संविधान पर लगातार हमले कर रहे हैं। राहुल गांधी ने अपनी पार्टी कांग्रेस की राजनीति को स्पष्ट किया, कहकर, “हमारे लिए यह जरूरी है कि मोहब्बत से नफरत को काटा जाए।” उनका कहना था कि जब तक वह जिंदा हैं, अगर किसी हिंदुस्तानी पर कोई आक्रमण होता है, तो वह उसकी रक्षा करेंगे, चाहे वह किसी भी धर्म या जाति का क्यों न हो।

कांग्रेस की तैयारियाँ और चुनावी बयानबाजी
कांग्रेस ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए अब तक तीन लिस्ट जारी की हैं, जिसमें कुल 48 उम्मीदवारों का ऐलान किया गया है। कांग्रेस ने 12 दिसंबर को अपनी पहली लिस्ट जारी की, जिसमें 21 नाम थे। इसके बाद 24 दिसंबर को दूसरी लिस्ट जारी की गई, जिसमें 26 नाम थे। इन उम्मीदवारों में कुछ महत्वपूर्ण नाम भी शामिल हैं, जैसे जंगपुरा सीट से फरहाद सूरी, बाबरपुर सीट से हाजी मोहम्मद इशराक खान और सीलमपुर सीट से अन्य प्रमुख उम्मीदवार।

सीलमपुर विधानसभा सीट उत्तर-पूर्वी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है, जो मुस्लिम बहुल क्षेत्र है। इस क्षेत्र में 2020 में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार अब्दुल रहमान ने जीत हासिल की थी, लेकिन कांग्रेस और भाजपा दोनों ही इस सीट को जीतने के लिए पूरी ताकत लगा रहे हैं।

WhatsApp Image 2025 01 14 at 11.26.51 AM

दिल्ली चुनाव की तारीखें और चुनाव आयोग की स्थिति
दिल्ली विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा 7 जनवरी को चुनाव आयोग द्वारा की गई। वोटिंग 5 फरवरी को होगी, और परिणाम 8 फरवरी को घोषित किए जाएंगे। चुनाव आयोग के प्रमुख राजीव कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिल्ली चुनाव पर केवल 10 मिनट बात की, जबकि उन्होंने EVM, वोटर लिस्ट और चुनाव प्रक्रिया को लेकर विपक्ष के आरोपों का भी जवाब दिया।

विपक्ष के आरोप और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल
चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस में विपक्ष ने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में धांधली हो सकती है और वोटर लिस्ट में कई गड़बड़ियाँ हैं। विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि खास वर्ग के वोटर्स के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। राजीव कुमार ने इन आरोपों को सिरे से नकारते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और निष्पक्ष होगी।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed