दिल्ली

Photos: दिल्ली में 13 साल बाद हुआ ब्लास्ट, अलर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां; जानें कब-कब लहूलुहान हुई राजधानी

Photos: दिल्ली के रोहिणी स्थित प्रशांत विहार इलाके में रविवार सुबह हुए धमाके ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। यह धमाका 13 साल में राजधानी में हुआ पहला बड़ा ब्लास्ट है, जिससे पूरे इलाके में भय और अशांति फैल गई। सुरक्षा एजेंसियों ने घटना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्यवाही की और घटनास्थल की जांच की।

पिछली घटनाएँ

इससे पहले, सितंबर 2011 में दिल्ली हाईकोर्ट में हुए धमाके ने 11 लोगों की जान ली थी। उसके बाद, जनवरी 2022 में गाजीपुर फूल मंडी में एक आईईडी विस्फोटक बरामद हुआ था। उस समय एनएसजी की बम निरोधक टीम ने उसे निष्क्रिय किया था। दिसंबर 2023 में इजराइली दूतावास के बाहर भी धमाका हुआ, लेकिन उसमें कोई हताहत नहीं हुआ था। ये घटनाएँ दर्शाती हैं कि दिल्ली में सुरक्षा की स्थिति कितनी गंभीर है और सुरक्षा एजेंसियों को कितनी सतर्कता से कार्य करना पड़ रहा है।

धमाके की जगह और जांच

रविवार सुबह का धमाका प्रशांत विहार में हुआ, जहां एक पूड़ी-सब्जी की दुकान के पास 20 लोग मौजूद थे। सभी लोग सुरक्षित हैं, लेकिन धमाके ने स्थानीय लोगों के बीच भय का माहौल पैदा कर दिया है। जांच के दौरान, सुरक्षा बलों ने घटनास्थल पर पांच घंटे तक काम किया। अधिकारियों ने बताया कि विस्फोटक सामग्री को इस तरह से लगाया गया था कि उसके रिफ्लेक्टिव प्रेशर से शॉकवेव उत्पन्न हो सके, जिससे आसपास के इलाके में नुकसान पहुंचे।Photos

विस्फोटक का विश्लेषण

जांच में सामने आया है कि धमाके में किस प्रकार के केमिकल और विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया है, इसका पता लगाने की कोशिश की जा रही है। जांच से जुड़े एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मौके से कोई टाइमर, डेटोनेटर, तार, बैट्री या घड़ी जैसे उपकरण नहीं मिले हैं। इससे यह संदेह गहराता है कि यह एक सुनियोजित आतंकवादी हमला हो सकता है या फिर कुछ और।Photos

सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया

इस धमाके के बाद, सुरक्षा एजेंसियों ने चौकसी बढ़ा दी है। हर क्षेत्र में विशेष ध्यान दिया जा रहा है और संभावित खतरों को ध्यान में रखते हुए गश्त बढ़ा दी गई है। पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया है कि कोई भी संदिग्ध गतिविधि नजरअंदाज न की जाए।Photos

स्कूल और स्थानीय लोग

दिल्ली में सीआरपीएफ स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों का भी ध्यान रखा जा रहा है। इस स्कूल में सीआरपीएफ अधिकारियों, रिटायर्ड अधिकारियों और अन्य पैरामिलिट्री फोर्सेस के जवानों के बच्चे पढ़ते हैं। घटना स्थल से मात्र 50 मीटर की दूरी पर स्थित होने के कारण, वहां मौजूद लोग तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले गए।Photos

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