बुधवार को संसद भवन के मकर द्वार पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दलों के सांसद काले कपड़े पहनकर विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे। विपक्ष का कहना है कि NEET परीक्षा से जुड़े विवाद, छात्रों के आंदोलन और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार का रवैया सही नहीं है। इस प्रदर्शन के जरिए विपक्ष ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और CJP कार्यकर्ताओं पर हुई पुलिस कार्रवाई, साथ ही राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं को हिरासत में लिए जाने का भी विरोध किया।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि नेताओं के साथ क्या हुआ, इससे ज्यादा जरूरी यह है कि छात्रों के साथ क्या हो रहा है। उनके अनुसार छात्र अपनी पढ़ाई और भविष्य को लेकर आवाज उठा रहे हैं और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा पर बड़ा बजट होने के बावजूद छात्रों की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। बार-बार पेपर लीक होने से युवाओं का भरोसा कमजोर हो रहा है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है और छात्रों की बात सुनी जानी चाहिए।
कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने बताया कि सभी विपक्षी सांसद काले कपड़े पहनकर छात्रों और नेताओं पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में संसद पहुंचे। उनका कहना था कि सरकार को टकराव की बजाय छात्रों से बातचीत करनी चाहिए और परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाना चाहिए। वहीं कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई और कहा कि विरोध की आवाज को दबाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।
आरजेडी सांसद संजय यादव ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में कई भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी और परीक्षा विवादों से युवा परेशान हैं और सरकार को इन समस्याओं का स्थायी समाधान निकालना चाहिए।
राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन किए। तिरुवनंतपुरम, गुवाहाटी, जबलपुर और भुवनेश्वर समेत कई शहरों में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए।
इससे पहले कांग्रेस नेताओं ने राजाजी मार्ग से लोक कल्याण मार्ग तक मार्च निकाला था। इस दौरान उन्होंने परीक्षा में कथित गड़बड़ियों, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। मार्च के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया गया था। बाद में उन्हें छत्रसाल स्टेडियम से रिहा कर दिया गया।
हिरासत के दौरान प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष अपनी आवाज उठाता रहेगा और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रहेगा। बाद में उन्हें मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहां कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी भी उनसे मिलने पहुंचीं।
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