Rajasthan News: राजस्थान के बारां जिले में युवा नेता नरेश मीणा की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। नाहरगढ़ में वनकर्मियों से मारपीट और जनरेटर छुड़ाकर ले जाने के मामले में वांछित नरेश मीणा पर पुलिस ने महज 25 पैसे का इनाम घोषित किया है। उनकी तलाश में पांच थानों की पुलिस लगातार दबिश दे रही है। इसी बीच गुंदलाई गांव के एक फार्म हाउस पर छापेमारी के दौरान पुलिस ने उनके दो कथित सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, नरेश मीणा अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
नरेश मीणा पर 25 पैसे का इनाम घोषित
बारां जिले के पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंडासु ने नरेश मीणा की गिरफ्तारी के लिए 25 पैसे का इनाम घोषित किया है। इतनी कम इनामी राशि को लेकर मामला चर्चा में है।
पुलिस के मुताबिक, नरेश मीणा नाहरगढ़ वन विभाग कार्यालय में हुई मारपीट और जनरेटर ले जाने के मामले में वांछित हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं, जो संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं।
फार्म हाउस पर पुलिस की दबिश, दो गिरफ्तार
शुक्रवार, 6 नवंबर को अटरू डीएसपी रामानंद यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गुंदलाई गांव स्थित एक फार्म हाउस पर छापेमारी की। पुलिस को सूचना मिली थी कि नरेश मीणा वहां मौजूद हो सकते हैं।
पुलिस के अनुसार, छापेमारी के दौरान नरेश मीणा मौके पर नहीं मिले, लेकिन वहां मौजूद एक थार गाड़ी से उनके दो कथित सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस का दावा है कि नरेश मीणा अपने दोनों सहयोगियों से आगे चल रहे थे और पुलिस के पहुंचने से पहले वहां से निकल गए। गिरफ्तार किए गए दोनों व्यक्तियों से मामले में आगे की जानकारी जुटाई जा रही है।
पांच थानों की पुलिस कर रही तलाश
नरेश मीणा की गिरफ्तारी के लिए बारां जिले के पांच थानों की पुलिस को लगाया गया है। इनमें छबड़ा, छीपाबड़ौद, अटरू, मोठपुर और कवाई थाने शामिल हैं।
पुलिस टीमें अलग-अलग स्थानों पर दबिश दे रही हैं। इस अभियान में छबड़ा थाना प्रभारी राजेश खटाना सहित अन्य पुलिस अधिकारियों को भी जिम्मेदारी दी गई है।
डीएसपी रामानंद यादव के अनुसार, पुलिस अपने सूचना तंत्र के जरिए नरेश मीणा के संभावित ठिकानों की जानकारी जुटा रही है। हालांकि, अब तक उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जा सका है।
क्या है नाहरगढ़ वनकर्मियों से मारपीट का मामला?
पूरा मामला 1 नवंबर 2026 का है। आरोप है कि बारां जिले के नाहरगढ़ वन रेंज कार्यालय में नरेश मीणा की मौजूदगी के दौरान भीड़ ने वन विभाग के कर्मचारियों के साथ मारपीट की थी।
इस दौरान कार्यालय से एक जनरेटर जबरन छुड़ाकर ले जाने का भी आरोप लगाया गया था। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की थी।
इस प्रकरण में पुलिस पहले ही पांच लोगों को गिरफ्तार कर चुकी थी। अब फार्म हाउस पर हुई कार्रवाई में दो और कथित सहयोगियों की गिरफ्तारी की खबर सामने आई है।
हालांकि, नरेश मीणा पर लगे आरोपों का अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही होगा।
3 नवंबर को घर पर भी पहुंची थी पुलिस
नरेश मीणा की तलाश में पुलिस ने 3 नवंबर को उनके नयागांव स्थित आवास पर भी दबिश दी थी, लेकिन वह वहां मौजूद नहीं मिले।
इसके बाद पुलिस ने अन्य संभावित ठिकानों पर निगरानी बढ़ाई और छापेमारी शुरू की।
पुलिस अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की है कि वे नरेश मीणा को शरण न दें और उन्हें कानूनी प्रक्रिया का सामना करने के लिए आत्मसमर्पण करने की सलाह दें।
पहले गिरफ्तारी देने का ऐलान, फिर कोर्ट जाने की बात
इस मामले में नरेश मीणा ने पहले 6 नवंबर को शाम 5 बजे नाहरगढ़ थाने पहुंचकर गिरफ्तारी देने का ऐलान किया था।
हालांकि, बाद में उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपना फैसला बदलने की जानकारी दी। उन्होंने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने के बजाय अदालत की शरण लेने की बात कही।
इसके बाद पुलिस ने उनकी तलाश और तेज कर दी है। अब देखना होगा कि नरेश मीणा अदालत का रुख करते हैं या पुलिस उन्हें पहले गिरफ्तार करने में सफल होती है।
छात्र राजनीति से विधानसभा चुनाव तक का सफर
नरेश मीणा राजस्थान की राजनीति में युवा नेता के रूप में पहचाने जाते हैं। उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी और विश्वविद्यालय में महासचिव भी रहे।
वह पहले कांग्रेस से जुड़े थे। वर्ष 2023 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में उन्होंने बारां जिले की छबड़ा सीट से कांग्रेस का टिकट मांगा था।
टिकट नहीं मिलने पर वह निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतरे और करीब 44 हजार वोट हासिल किए।
इसके बाद से वह विभिन्न राजनीतिक गतिविधियों और आंदोलनों के चलते चर्चा में रहे हैं।
अब पुलिस की अगली कार्रवाई पर नजर
नरेश मीणा पर 25 पैसे का इनाम घोषित होने और पांच थानों की पुलिस की सक्रियता के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं और सूचना मिलने पर संबंधित स्थानों पर कार्रवाई की जा रही है।
फिलहाल नरेश मीणा की गिरफ्तारी नहीं हुई है। ऐसे में आने वाले दिनों में पुलिस की कार्रवाई और नरेश मीणा के कानूनी कदम पर नजर रहेगी।
