उत्तर प्रदेश

मकसूदापुर चीनी मिल का गोदाम सील, ADM ने सील की 40 करोड़ की चीनी, 21 हजार किसानों से खरीदा गया था गन्ना, मिल पर 126 करोड़ से अधिक का है बकाया।

मकसूदापुर चीनी मिल का गोदाम सील

गन्ना किसानों को उनका मेहनताना न मिलने पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बंडा स्थित मकसूदापुर चीनी मिल के गोदाम को सील कर दिया है। ADM (वित्त) अरविंद कुमार ने ये कार्रवाई जिला मजिस्ट्रेट धर्मेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक किसानों का भुगतान शुरू नहीं किया जाता, तब तक गोदाम को नहीं खोला जाएगा।

गोदाम में फिलहाल करीब 40 करोड़ रुपये मूल्य की एक लाख क्विंटल चीनी स्टॉक में है। लेकिन मिल पर सत्र 2024-25 के लिए 21 हजार किसानों से खरीदे गए गन्ने का 126 करोड़ 78 लाख रुपये का भुगतान अब तक लंबित है। जबकि कुल देय राशि 169 करोड़ 83 लाख रुपये थी, जिसमें से अब तक केवल 43 करोड़ पांच लाख रुपये का ही भुगतान किया गया है।

मकसूदापुर चीनी मिल ने पेराई सत्र 5 नवंबर 2024 से प्रारंभ किया था, जो 30 फरवरी 2025 तक चला। इस दौरान 46.20 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की गई। मिल की प्रतिदिन की पेराई क्षमता 7000 टन है और इसने 25 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल से गन्ना आवंटित किया गया था। पुवायां, पुरनपुर और बीसलपुर समितियों के गेट व 37 क्रय केंद्रों के माध्यम से ये गन्ना खरीदा गया था।

ADM वित्त अरविंद कुमार ने जिला गन्ना अधिकारी जितेंद्र कुमार मिश्रा व पुवायां SDM चित्रा निर्वाल के साथ मिल पहुंचकर चीनी स्टॉक, शिरा और कोजन प्लांट का निरीक्षण किया। इसके बाद, किसानों के भारी बकाया भुगतान और मिल प्रशासन की लापरवाही को देखते हुए गोदाम को सील कर दिया गया।

इसके अलावा, मिल पर वर्ष 2020-21 के विलंबित गन्ना भुगतान पर देय 16.70 करोड़ रुपये का ब्याज भी लंबित है, जिसकी वसूली के लिए RC (Recovery Certificate) जारी की जा चुकी है। इसके बावजूद भुगतान में कोई तत्परता नहीं दिखाई गई।

ADM ने मीडिया को बताया कि किसान बेटी की शादी, बच्चों की फीस, बीज और खाद की खरीद जैसी ज़रूरतों के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समय रहते गन्ने के भुगतान की व्यवस्था नहीं की गई, तो किसान दूसरी फसलों की ओर रुख कर सकते हैं, जिससे क्षेत्र में गन्ना उत्पादन पर असर पड़ेगा।
गन्ना विकास विभाग के प्रमुख सचिव और जिलाधिकारी के निर्देशों की बार-बार अनदेखी किए जाने के चलते यह कठोर कदम उठाया गया। इस कार्रवाई के समय मिल के यूनिट हेड आरबी खोखर सहित कई अधिकारी मौके पर मौजूद थे।

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