Maulana Tauqeer Raza: बरेली में 'आई लव मोहम्मद' विवाद पर बवाल Maulana Tauqeer Raza: बरेली में 'आई लव मोहम्मद' विवाद पर बवाल

Maulana Tauqeer Raza: बरेली में ‘आई लव मोहम्मद’ विवाद पर बवाल

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में शुक्रवार को जुमे की नमाज़ के बाद “आई लव मोहम्मद” को लेकर उत्पन्न विवाद ने तूल पकड़ लिया। इत्तेहादे मिल्लत काउंसिल के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रज़ा की अपील पर बड़ी संख्या में लोग इस्लामिया इंटर कॉलेज में जमा हुए और कलेक्ट्रेट की ओर मार्च करने लगे। पुलिस ने जब उन्हें रोकने की कोशिश की तो हालात बिगड़ गए। भीड़ ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस हिंसा के मामले में पुलिस ने तौकीर रज़ा समेत 8 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और मौलाना को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

इसके अलावा पुलिस ने 39 अन्य लोगों को हिरासत में लिया है और 2000 अज्ञात लोगों के खिलाफ पांच अलग-अलग थानों में एफआईआर दर्ज की है। मौलाना तौकीर रज़ा के खिलाफ कुल 10 मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 7 में उनका नाम सीधे तौर पर शामिल है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पूरे प्रकरण पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। एक सरकारी कार्यक्रम में उन्होंने कहा, “मौलाना भूल गया कि शासन किसका है। वो मानता था कि धमकी देंगे और जबरदस्ती जाम कर देंगे। हमने कहा कि न तो जाम होगा और न ही कर्फ्यू लगेगा। ऐसा सबक सिखाएंगे कि उनकी आने वाली पीढ़ियां दंगे करना भूल जाएंगी।”

मुख्यमंत्री का यह बयान प्रशासन की सख्त मंशा को दर्शाता है।
इस बीच लखनऊ की सड़कों पर भाजपा समर्थकों द्वारा “आई लव श्री योगी आदित्यनाथ जी” और “आई लव बुलडोजर” जैसे होर्डिंग्स लगाए गए हैं। भाजपा नेता अमित त्रिपाठी द्वारा लगाए गए इन होर्डिंग्स को वीवीआईपी चौराहा, समता मूलक चौराहा और जानकीपुरम जैसे क्षेत्रों में देखा गया। यह कदम स्पष्ट तौर पर प्रशासन की ओर से कड़ा संदेश देने के रूप में देखा जा रहा है।

विवाद की शुरुआत 4 सितंबर को कानपुर में बारावफात के जुलूस के दौरान हुई थी, जब एक समूह ने “आई लव मोहम्मद” लिखा हुआ बैनर/लाइटबोर्ड जुलूस मार्ग पर लगाया। स्थानीय हिंदू संगठनों ने इसका विरोध किया, जिसके बाद पुलिस ने बैनर हटाए और नौ लोगों के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज की।

इसके साथ ही 15 अज्ञात लोगों पर भी एफआईआर दर्ज की गई। इस घटना के बाद यह विवाद अन्य शहरों में भी फैल गया और “आई लव मोहम्मद” के समर्थन में रैलियां, पोस्टर और बैनर लगाए गए। इसके जवाब में कुछ हिंदू संगठनों द्वारा “आई लव महादेव” और “आई लव महाकाल” जैसे बैनर लगाए गए।

बरेली के जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बताया कि प्रशासन को पिछले 6-7 दिनों से सोशल मीडिया और समाचार पत्रों के माध्यम से जानकारी मिल रही थी कि मौलाना तौकीर रज़ा कुछ मुद्दों को लेकर कार्रवाई की मांग के साथ मार्च निकालने की योजना बना रहे हैं। इसको लेकर प्रशासन ने उनसे लगातार संपर्क बनाए रखा और उन्हें बताया गया कि जिले में धारा 163 बीएनएस (पूर्व में धारा 144) लागू है। बिना अनुमति के कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जा सकता।

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने इस पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मस्जिदें नमाज़ के लिए होती हैं, न कि सड़कों पर उपद्रव के लिए। मोहम्मद से मोहब्बत हर मुसलमान के दिल में है, लेकिन इसे जताने के लिए सड़कों पर तमाशा करने की जरूरत नहीं।” उन्होंने आगे कहा, “मैंने पहले भी कहा है और अब भी कह रहा हूं—‘आई लव मोहम्मद’। लेकिन असली मोहब्बत पैगंबर के उसूलों पर चलने में है, न कि सड़क पर हंगामा करने में।”

अखिल भारतीय मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने भी घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा, “नमाज़ के बाद जो घटना हुई, वह नहीं होनी चाहिए थी। किसी भी पक्ष से हिंसा उचित नहीं है। पैगंबर-ए-इस्लाम ने दुनिया को अमन और शांति का पैगाम दिया है, और अगर वाकई मोहब्बत है, तो उस राह पर चलना ही सबसे बड़ा सबूत है।” उन्होंने सभी से शांति बनाए रखने और कानून-व्यवस्था का पालन करने की अपील की।

वहीं बाराबंकी में “आई लव मोहम्मद” के पोस्टर फाड़ने की घटना ने तनाव को और हवा दी। देर रात हुई इस घटना के बाद भारी संख्या में पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
अब प्रशासन की नजर अगले शुक्रवार की नमाज़ पर टिकी है। संभावित तनाव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही चाक-चौबंद करने की तैयारी की जा रही है। बरेली, लखनऊ, कानपुर और बाराबंकी समेत संवेदनशील इलाकों में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *