द्वारका: GGSIPU ऑडिटोरियम में लगी भीषण आग
दिल्ली के द्वारका में स्थित गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी में रविवार को अचानक उस समय अफरा-तफरी मच गई जब यूनिवर्सिटी के नए ऑडिटोरियम में भीषण आग लग गई। इस आग ने कुछ ही मिनटों में पूरे परिसर को धुएं की काली चादर से ढक दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए फायर डिपार्टमेंट ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और करीब 6 दमकल गाड़ियां मौके पर भेजी गईं, जो आग पर काबू पाने में जुटी रहीं।
ये ऑडिटोरियम यूनिवर्सिटी का ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र का एक प्रमुख केंद्र माना जाता था, क्योंकि इसे पिछले वर्ष ही तैयार किया गया था। लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से बने इस आधुनिक भवन में बड़े कार्यक्रमों, सांस्कृतिक इवेंट्स और शैक्षणिक सम्मेलनों का आयोजन किया जाता था। लेकिन रविवार को ये भव्य निर्माण आग की लपटों में घिर गया और कुछ देर में ही इमारत के कई हिस्सों से धुआं उठने लगा।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि, ऑडिटोरियम के ऊपरी हिस्से से घना काला धुआं निकलता हुआ सीधा आसमान में जा रहा है। आसपास मौजूद छात्रों और स्टाफ के बीच हड़कंप मच गया। कई लोग मोबाइल से घटना को रिकॉर्ड करते दिखे, जबकि सुरक्षा कर्मी क्षेत्र को खाली करवाते नज़र आए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग ने शुरू में सीमित हिस्से को अपनी चपेट में लिया था, लेकिन कुछ ही मिनटों में इसकी तीव्रता बढ़ गई। तेज हवा के कारण धुआं दूर तक फैल गया और पूरा इलाका धुंधला नज़र आने लगा। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने तुरंत सभी ब्लॉक्स में अलर्ट जारी किया और लोगों को प्रभावित क्षेत्र से दूर रहने के निर्देश दिए।
दमकल विभाग को आग की सूचना मिलते ही 6 गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। फायर फाइटर्स ने अंदर फंसे संभावित छात्रों या स्टाफ की तलाश भी की, हालांकि शुरुआती जानकारी में सामने आया कि, आग लगने के समय ऑडिटोरियम में कोई कार्यक्रम नहीं चल रहा था। इससे राहत की बात ये रही कि, किसी के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं मिली है।
अधिकारियों के अनुसार, आग पर काबू पाने में समय इसलिए लग रहा है क्योंकि ऑडिटोरियम का ढांचा बड़ा है और कई हिस्सों में धुआं भरा हुआ था। टीम ने इमारत को चारों दिशाओं से घेरकर आग बुझाने की रणनीति अपनाई। इस दौरान पानी की तीव्र बौछारें और फोम का इस्तेमाल किया गया।
अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि, इतनी नई और आधुनिक इमारत में आग लगी कैसे?
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कहा है कि, आग की वजह की जांच के लिए एक विशेष तकनीकी टीम बुलाई गई है। प्रारंभिक आशंका शॉर्ट सर्किट, लाइटिंग या साउंड सिस्टम में खराबी, या एयर कंडीशनिंग यूनिट की समस्या में से किसी एक की तरफ इशारा करती है, लेकिन जब तक रिपोर्ट नहीं आ जाती, स्थिति स्पष्ट नहीं मानी जाएगी।
प्रशासन ने ये भी कहा कि, आग से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। प्राइमरी अनुमान के मुताबिक इमारत के कुछ हिस्सों में भारी क्षति पहुंच सकती है।
जैसे ही घटना की तस्वीरें और वीडियो वायरल हुए, छात्रों ने सोशल मीडिया पर कई सवाल उठाए जिसमें आखिर 10 करोड़ की इमारत में सुरक्षा मानकों को लेकर लापरवाही कैसे हो सकती है? क्या फायर सेफ्टी सिस्टम चालू था? क्या ऑडिटोरियम नियमित मेंटेनेंस से गुजर रहा था? कई छात्रों ने लिखा कि, ये हादसा बड़ा रूप ले सकता था अगर ऑडिटोरियम में किसी कार्यक्रम के दौरान आग लगती।
GGSIPU की ओर से जारी बयान में कहा गया कि, “आग लगने की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। हमारे लिए छात्रों और स्टाफ की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। फायर डिपार्टमेंट की टीम लगातार स्थिति पर काम कर रही है और घटना के कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।”
फायर ब्रिगेड की कई घंटे की मशक्कत के बाद स्थिति काफी हद तक नियंत्रण में लाई जा सकी। हालांकि, ऑडिटोरियम को पूरी तरह सुरक्षित घोषित करने में अभी समय लगेगा। प्रशासन ने अभी के लिए इमारत को सील कर दिया है और अगले कुछ दिनों तक कोई गतिविधि नहीं होगी।

