Categories: विदेश

ईरान जंग में अमेरिका को बड़ा झटका! 20 अमेरिकी ठिकाने प्रभावित, 42 विमान हुए नष्ट या क्षतिग्रस्त

वाशिंगटन
फरवरी 2026 के अंत में अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ ऑपरेशन एपिक फ्यूरी शुरू किया. इसका मकसद ईरान की मिसाइल, ड्रोन और सैन्य क्षमता को कमजोर करना था. जवाब में ईरान ने मध्य पूर्व में फैले अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए. रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान ने 2000 से अधिक मिसाइल और ड्रोन दागे। 

इनमें बैलिस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइल और एकतरफा हमलावर ड्रोन शामिल थे. अमेरिका और सहयोगियों ने ज्यादातर को रोक लिया, लेकिन कई हमले लक्ष्य तक पहुंच गए. इससे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया और अमेरिकी सेना को भारी नुकसान उठाना पड़ा। 

ईरानी हमलों से अमेरिका को करीब 13 अरब डॉलर (123,818 करोड़ रुपए) का नुकसान होने का अनुमान लगाया गया है. इसमें इमारतों, रडार सिस्टम, ईंधन डिपो, हैंगर और अन्य बुनियादी ढांचे की मरम्मत का खर्च शामिल है. कुल सैन्य अभियान की लागत पेंटागन के अनुसार 29 अरब डॉलर तक पहुंच गई, जिसमें उपकरण मरम्मत भी शामिल है।  

सैटेलाइट इमेज और कांग्रेसनल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि नुकसान आधिकारिक बयानों से कहीं ज्यादा था. हैंगर, बैरक, संचार केंद्र और एयर डिफेंस सिस्टम बुरी तरह प्रभावित हुए. कई ठिकानों को खाली करना पड़ा या संचालन सीमित करना पड़ा। 

प्रभावित सुविधाएं और विमानों का नुकसान
ईरान ने आठ देशों में 20 अमेरिकी या अमेरिका से जुड़े सैन्य सुविधाओं को निशाना बनाया. इनमें सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत, जॉर्डन, बहरीन, इराक और अन्य जगहों के एयर बेस शामिल हैं. प्रिंस सुल्तान एयर बेस (सऊदी अरब), अल उद्देद (कतर), अली अल सलेम (कुवैत) और अल धफरा (यूएई) जैसे प्रमुख ठिकानों को बार-बार निशाना बनाया गया। 

रिसर्च सर्विस की रिपोर्ट के अनुसार कम से कम 42 अमेरिकी विमान क्षतिग्रस्त या नष्ट हुए. इनमें F-15E, F-35A, KC-135 टैंकर, E-3 सेंट्र्री एवाक्स, MQ-9 रीपर ड्रोन और अन्य शामिल हैं. कई विमान जमीन पर पार्क किए हुए थे जब उन पर हमला हुआ। 

ये हमले दिखाते हैं कि आधुनिक युद्ध में सस्ते ड्रोन और मिसाइल महंगे रक्षा सिस्टम को चुनौती दे सकते हैं. अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम जैसे पैट्रियट और थैड ने कई हमलों को रोका, लेकिन कुछ घुस गए. इससे क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों की सुरक्षा पर सवाल उठे. सैनिकों की मौत और घायलों की संख्या भी बढ़ी। 

कई ठिकानों पर नुकसान इतना था कि संचालन प्रभावित हुआ. विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान ने अमेरिकी ठिकानों की कमजोरियों का अध्ययन कर सटीक निशाना साधा. इससे अमेरिका को मिसाइल डिफेंस और बेस सुरक्षा को और मजबूत करने की जरूरत महसूस हुई। 

इस संघर्ष से दोनों पक्षों को भारी कीमत चुकानी पड़ी. अमेरिका ने ईरान की कई सैन्य क्षमताएं नष्ट कीं, लेकिन खुद को भी बड़ा नुकसान हुआ. मरम्मत और नए उपकरणों की लागत लंबे समय तक बजट पर असर डालेगी. क्षेत्र में स्थिरता अब भी नाजुक है. यह घटना याद दिलाती है कि बड़े पैमाने के संघर्ष में नुकसान सिर्फ एक तरफ नहीं होता. भविष्य में ऐसी स्थितियों से बचने के लिए कूटनीति और मजबूत रक्षा दोनों जरूरी हैं। 

अमेरिकी हमलों में ईरान में भयानक तबाही
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, हाल के अमेरिकी हमलों में दर्जनों लोगों की मौत हुई है और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। दूसरी ओर, अमेरिकी सेना ने भी अपने कई और सैनिकों के घायल होने की पुष्टि की है। ईरान ने युद्ध शुरू होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही प्रभावी रूप से बाधित कर दी, जिससे वैश्विक तेल बाजार प्रभावित हुआ।

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी
 कच्चे तेल की कीमत 86 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई, जबकि इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों की संख्या तीन सप्ताह के न्यूनतम स्तर पर आ गई। युद्ध शुरू होने से पहले अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत चल रही थी। अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर युद्ध समाप्त करने और लंबे समय तक चलने वाले पश्चिम एशिया संघर्ष से दूरी बनाने का घरेलू राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है।

ईरान में पीने के पानी का संकट
ईरान के सरकारी टेलीविजन के अनुसार, अमेरिका के हवाई हमलों में ईरान के दक्षिणी होरमोज़गान प्रांत में स्थित एक बिजली संयंत्र और समुद्री जल को मीठा बनाने के संयंत्र को निशाना बनाया गया। ये हमले बोंजी नामक गांव में किए गए, जो होर्मुज जलडमरूमध्य के तट पर स्थित है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, रातभर हुए हवाई हमलों में दो सुरंगें और एक पुल क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे बंदर अब्बास जाने वाले प्रमुख राजमार्गों में से एक पर यातायात बाधित हो गया। बंदर अब्बास शहर होर्मुज जलडमरूमध्य के सबसे संकरे हिस्से के निकट स्थित है। ईरान ने यह भी बताया कि जलडमरूमध्य के भीतर स्थित सामरिक महत्व के केशम द्वीप पर भी हवाई हमले किए गए।

 

Rupesh Jha

Recent Posts

NEET विवाद पर अमित शाह और राहुल गांधी आमने-सामने, राहुल बोले- लेक्चर नहीं सुनना…

NEET पेपर लीक और जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज को लेकर…

46 minutes ago

अमित शाह बोले- विपक्ष संसद चलने दे, 3 बजे चर्चा को तैयार

NEET पेपर लीक और जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज के मुद्दे…

1 hour ago

क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने जॉर्जिना रोड्रिगेज से रचाई शादी, करीब एक दशक के रिश्ते को दिया नया नाम

पुर्तगाल के दिग्गज फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो और उनकी लंबे समय से पार्टनर रहीं जॉर्जिना रोड्रिगेज…

1 hour ago

Nifty 50 में बड़ा बदलाव: करीब 3 दशक बाद Wipro बाहर, BSE की हुई एंट्री

 नई दिल्ली शेयर बाजार (Share Market) में निवेश करने वालों के लिए बड़ी खबर है.…

2 hours ago

ODI World Cup 2027: 10 टीमें हुईं कन्फर्म, जानें किन देशों ने पक्की की जगह

मुंबई  अफगानिस्तान ने दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में आयोजित होने वाले…

2 hours ago

2027 वर्ल्ड कप से पहले वेस्टइंडीज को बड़ा झटका, अफगानिस्तान ने पक्की की सीधे एंट्री

  नई दिल्ली दो बार की वनडे विश्व चैम्पियन वेस्टइंडीज 2027 वनडे वर्ल्ड कप के…

2 hours ago