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उत्तर भारतीय विकास सेना के नेता सुनील शुक्ला ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जिसमें उन्होंने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की ओर से पश्चिम बांद्रा निर्वाचन क्षेत्र से नामांकन दाखिल करने की तैयारी की है। यह क्षेत्र राकांपा के दिवंगत नेता बाबा सिद्दीकी का है, और इसकी राजनीतिक स्थिति अत्यधिक महत्वपूर्ण मानी जाती है।

लॉरेंस बिश्नोई का नामांकन

उत्तर भारतीय विकास सेना ने चुनाव आयोग से लॉरेंस बिश्नोई की ओर से नामांकन दाखिल करने के लिए एबी फॉर्म की मांग की है। यह फॉर्म नामांकन प्रक्रिया का एक अनिवार्य दस्तावेज है। सुनील शुक्ला ने रिटर्निंग अधिकारी को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे इस फॉर्म पर बिश्नोई के हस्ताक्षर लेंगे। बिश्नोई की उम्मीदवारी को मान्यता देने के लिए यह एक आवश्यक प्रक्रिया है।

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अगर लॉरेंस बिश्नोई ने अपनी मंजूरी दे दी, तो उत्तर भारतीय विकास सेना ने दावा किया है कि वे जल्द ही 50 उम्मीदवारों की एक सूची जारी करेंगे। यह कदम स्पष्ट करता है कि पार्टी आगामी चुनावों में गंभीरता से भाग लेने की योजना बना रही है।

लॉरेंस बिश्नोई की स्थिति

हालांकि लॉरेंस बिश्नोई वर्तमान में गुजरात के साबरमती जेल में बंद हैं, लेकिन उनकी राजनीतिक संभावनाओं पर चर्चा जारी है। उनका नाम हाल ही में राकांपा नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या और बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को धमकी देने के मामलों में आया है, जो उनके लिए एक विवादास्पद स्थिति उत्पन्न कर रहा है।

पश्चिम बांद्रा निर्वाचन क्षेत्र की राजनीति में एक विशिष्ट पहचान है। यह क्षेत्र बाबा सिद्दीकी का निर्वाचन क्षेत्र था, जो राकांपा के एक प्रमुख नेता थे। सिद्दीकी की मृत्यु के बाद, यह क्षेत्र राजनीतिक रूप से संवेदनशील बन गया है। लॉरेंस बिश्नोई की संभावित उम्मीदवारी ने इस क्षेत्र में नए राजनीतिक समीकरणों को जन्म दिया है।

महाराष्ट्र विधानसभा के 288 सदस्यीय चुनाव 20 नवंबर को होंगे, और मतगणना 23 नवंबर को की जाएगी। पिछली बार, 2019 में हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा ने 105 सीटें जीती थीं, जबकि उसकी सहयोगी शिवसेना को 56 सीटें मिली थीं। एनसीपी ने 54 और कांग्रेस ने 44 सीटें हासिल की थीं।

लॉरेंस बिश्नोई की उम्मीदवारी और उत्तर भारतीय विकास सेना के प्रयासों से चुनावी समीकरणों में बदलाव आ सकता है। यदि बिश्नोई को पार्टी टिकट मिलता है, तो यह न केवल उनकी राजनीतिक पहचान को मजबूत करेगा, बल्कि उनकी समर्थक धारणा को भी प्रोत्साहित करेगा।

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