बिहार

LALU YADAV FAMILY: 12 मुकदमों वाला करीबी दोस्त से क्यों हिल गया लालू परिवार ?

LALU YADAV FAMILY: 12 मुकदमों वाला करीबी दोस्त से क्यों हिल गया लालू परिवार ?

बिहार में चुनावी हलचल भले ही थम गई हो, लेकिन सियासत का तापमान लगातार बढ़ रहा है। चुनाव परिणाम घोषित होने के अगले ही दिन लालू परिवार में अचानक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्या ने सोशल मीडिया पर राजनीति छोड़ने और परिवार से नाता तोड़ने का ऐलान कर सबको चौंका दिया। उनके इस फैसले में जिस नाम ने सबसे ज्यादा सुर्खियाँ बटोरीं, वह है—रमीज नेमत खान।

रोहिणी ने अपने पोस्ट में कहा कि, यह कदम उन्होंने आरजेडी सांसद संजय यादव के कहने पर उठाया है। साथ ही उन्होंने रमीज नेमत खान का नाम भी लिखा, जिसके बाद यह मामला और संवेदनशील हो गया। देखते ही देखते सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक सवाल उठने लगे—आखिर कौन हैं रमीज नेमत खान? और क्यों उनका नाम इस विवाद के केंद्र में है?

दरअसल, रमीज नेमत खान तेजस्वी यादव के बेहद पुराने और करीबी दोस्त माने जाते हैं। दोनों की दोस्ती की शुरुआत क्रिकेट के मैदान से हुई। 2000 के दशक में दोनों ने क्रिकेट खेला और यही दोस्ती बाद में राजनीति तक पहुंच गई। साल 2016 में रमीज RJD में शामिल हुए, जब बिहार में महागठबंधन की सरकार थी और तेजस्वी उपमुख्यमंत्री थे।

उस दौरान रमीज तेजस्वी के दफ्तर में कई महत्वपूर्ण काम देखना शुरू कर चुके थे। धीरे-धीरे रमीज तेजस्वी यादव की कोर टीम का अहम हिस्सा बनते गए। आज पार्टी के अंदरूनी हलकों में उन्हें तेजस्वी की पॉलिटिकल टीम की “रीढ़” तक कहा जाता है। बताया जाता है कि तेजस्वी के रोजमर्रा के काम, मीटिंग्स, कोऑर्डिनेशन, चुनावी रणनीति और कैंपेन—इन सभी में रमीज की बड़ी भूमिका रहती है। रमीज की पृष्ठभूमि भी काफी प्रभावशाली रही है।

वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। उनके ससुर रिजवान जहीर, बलरामपुर से दो बार के सांसद और यूपी के अनुभवी नेता रहे हैं। वहीं, उनकी पत्नी जेबा रिजवान भी तुलसीपुर विधानसभा सीट से दो बार चुनाव लड़ चुकी हैं—एक बार कांग्रेस के टिकट पर और एक बार निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में। हालांकि दोनों बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

रमीज का नाम कई विवादों और आपराधिक मामलों में भी सामने आया है, जो उन्हें लगातार सुर्खियों में बनाए रखता है। उनके खिलाफ कुल 12 मुकदमे दर्ज बताए जाते हैं, जिनमें हत्या, हिंसा और गैंगस्टर एक्ट जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। प्रमुख मामलों में शामिल हैं—

• 2021: पंचायत चुनाव हिंसा में साजिश का आरोप

• 2022: तुलसीपुर नगर पंचायत अध्यक्ष फिरोज पप्पू की हत्या में साजिश का आरोप

• 2023: प्रतापगढ़ के ठेकेदार शकील खान की हत्या का मामला

2024 में उन्हें गैंगस्टर एक्ट में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन 2025 में उन्हें ज़मानत मिल गई। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि किसी भी नई कार्रवाई से पहले स्थानीय कोर्ट से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। इस आदेश से उन्हें व उनकी पत्नी को कई मामलों में राहत मिली। इन सबके बावजूद रमीज और तेजस्वी यादव की दोस्ती आज भी उतनी ही मजबूत बताई जाती है।

अब बड़ा सवाल यह है कि रोहिणी आचार्या के अचानक लिए गए फैसले में रमीज का नाम क्यों आया? और क्या यह विवाद आरजेडी के अंदरूनी समीकरणों को बदल देगा? आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति इस सवाल का जवाब जरूर खोजने की कोशिश करेगी।

आगे पढ़िए:

admin

Recent Posts

जयपुर में दिवाली पर बड़ा फैसला! परकोटे के बाजार रात 12 बजे तक खुलेंगे, खरीदारी के लिए मिलेगा अतिरिक्त समय

जयपुर, राजस्थान। राजस्थान की राजधानी जयपुर में दिवाली के त्योहार को लेकर बाजारों की तैयारियां…

22 minutes ago

रेहान वाड्रा की फोटो प्रदर्शनी से 70 से ज्यादा तस्वीरें हटाने पर बवाल, गहलोत-पायलट ने BJP सरकार को घेरा

जयपुर/नई दिल्ली। राजस्थान की राजनीति में एक फोटो प्रदर्शनी को लेकर नया विवाद खड़ा हो…

40 minutes ago

‘किरोड़ी लाल मीणा के साथ तुम्हारा भी इलाज कर दूंगा’, खाद संकट पर भड़के नरेश मीणा, अधिकारियों को दी चेतावनी

बारां, राजस्थान। राजस्थान के बारां जिले में डीएपी खाद की किल्लत को लेकर किसानों और…

46 minutes ago

विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज, आज से ईवीएम की जांच शुरू।

उत्तराखंड में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन विभाग ने तैयारियां तेज…

56 minutes ago

विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज, आज से ईवीएम की जांच शुरू।

उत्तराखंड में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन विभाग ने तैयारियां तेज…

56 minutes ago

डिग्री-पैकेज नहीं, संस्कार और व्यवहार से बनती है असली पहचान: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि डिग्री हासिल करने के बाद ही जीवन की…

60 minutes ago