खालिस्तानी पन्नू ने फिर दी मोदी-NSA डोभाल को धमकी
खालिस्तानी आतंकी संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) के प्रमुख और भारत में घोषित आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने एक बार फिर से विवादित बयान देकर भारत सरकार को चेतावनी दी है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने हालिया पोस्ट में पन्नू ने दावा किया कि, उसके करीबी आतंकी इंदरजीत सिंह गोसल को भारत सरकार ने झूठे हथियारों के आरोप में फंसाया था।
पन्नू ने कहा कि, गोसल अब जेल से बाहर आ गया है और वो इसके लिए गुरु रामदास का धन्यवाद कर रहा है।
पन्नू ने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को सीधे तौर पर धमकी दी। उन्होंने कहा कि, “डोभाल और मोदी सरकार, अगर आप अमेरिका, कनाडा या किसी यूरोपीय देश में कदम रखेंगे, तो आपको गिरफ्तार कराया जाएगा या फिर किसी दूसरे देश को सौंप दिया जाएगा।
हमारे पास आपके लिए सम्मन तैयार हैं और हम आपका इंतजार कर रहे हैं।”

इंदरजीत सिंह गोसल ने भी एक वीडियो संदेश जारी किया है। इसमें वो कहता है कि, वो जेल से इसलिए बाहर आया है ताकि पन्नू के साथ मिलकर खालिस्तान रेफरेंडम आयोजित किया जा सके। वीडियो में वो “दिल्ली बनेगा खालिस्तान” के नारे लगाता भी नजर आया।
दरअसल हाल ही में गोसल की गिरफ्तारी कनाडा पुलिस ने की थी। उसके खिलाफ कई हथियार रखने के आरोप थे। ओटावा में उसे हाल ही में गिरफ्तार किया गया था, ये पिछले एक साल में उसकी दूसरी गिरफ्तारी थी।
नवंबर 2024 में भी वह ग्रेटर टोरंटो एरिया (GTA) में एक हिंदू मंदिर में हुई हिंसा और श्रद्धालुओं पर हमले के आरोप में गिरफ्तार हुआ था। उस समय उसे शर्तों पर रिहा किया गया था।
पन्नू ने अपने करीबी सहयोगियों में गोसल को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है।
वे पन्नू का राइट-हैंड मैन और पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) भी है। जून 2023 में हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद से गोसल ने कनाडा में SFJ की गतिविधियों को संचालित करने में अहम भूमिका निभाई है।
गुरपतवंत सिंह पन्नू कई वर्षों से भारत और विदेशों में खालिस्तान आंदोलन को बढ़ावा दे रहे हैं। उनके संगठन SFJ ने कई देशों में खालिस्तान के समर्थन में कार्यक्रम आयोजित किए हैं…. इंटरनेट और सोशल मीडिया के माध्यम से भारत विरोधी संदेश फैलाए हैं।

पन्नू का ये नया बयान इस बात का संकेत है कि, उनका संगठन अब भी सक्रिय है और खालिस्तान की मांग को आगे बढ़ाने की योजना बना रहा है।
पन्नू और गोसल के हालिया बयान ने भारत की सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) और प्रधानमंत्री के सुरक्षा प्रोटोकॉल को और मजबूत किया गया है। विदेश मंत्रालय ने भी कनाडा और अन्य देशों को सूचित किया है ताकि ऐसे किसी भी खतरे की संभावना को कम किया जा सके।
कनाडा में अधिकारियों ने गोसल की रिहाई के बाद सुरक्षा बढ़ा दी है और कहा है कि, वो कानून के दायरे में रहेगा। इसके बावजूद, पन्नू द्वारा सोशल मीडिया पर किए गए धमकी भरे पोस्ट से ये साफ है कि, SFJ अभी भी सक्रिय है और अपने खालिस्तान एजेंडे को फैलाने का प्रयास कर रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि, पन्नू और उसके सहयोगी वैश्विक स्तर पर आतंकवादी नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। उनका ये नया बयान भारत के लिए एक गंभीर चेतावनी है। उनके अनुसार, ऐसे आतंकवादी संगठन सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को प्रभावित कर सकते हैं और अलगाववादी विचारों को बढ़ावा दे सकते हैं।
हालांकि, भारतीय सुरक्षा एजेंसियां लगातार इनके गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। विदेशों में भी भारत की ओर से सतर्कता बढ़ाई गई है। पन्नू और गोसल के संबंधी मामलों की निगरानी अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए की जा रही है ताकि किसी भी प्रकार के खतरे को समय रहते रोका जा सके।
गुरपतवंत सिंह पन्नू और इंदरजीत सिंह गोसल का ये नया बयान खालिस्तान आंदोलन के बढ़ते खतरे को दर्शाता है। उनके पोस्ट और वीडियो संदेश ने स्पष्ट किया कि, उनका एजेंडा अभी भी सक्रिय है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के खिलाफ उन्हें कई बार पकड़ने के बावजूद उनका उद्देश्य समाप्त नहीं हुआ है।
इस पूरे घटनाक्रम से ये संदेश मिलता है कि, खालिस्तानी आतंकवाद के खिलाफ सतर्कता अब और भी जरूरी है। भारत सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के लिए ये चुनौती है कि वो विदेशों में सक्रिय ऐसे आतंकवादी तत्वों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखे और उन्हें अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए रोक सके।

