Jaipur Traffic Beneath Hawa Mahal

जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के कारण कई प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती है। सुबह और शाम के व्यस्त समय में वाहन चालकों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। अब इस समस्या को कम करने के लिए जयपुर विकास प्राधिकरण ने तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की योजना बनाई है।

जेडीए के प्रस्तावित कार्यक्रम के मुताबिक, सरदार पटेल मार्ग पर राजमहल पैलेस अंडरपास, गोपालपुरा बाईपास पर नया अंडरपास और जवाहरलाल नेहरू (JLN) मार्ग पर सिग्नल-फ्री कॉरिडोर विकसित किया जाएगा।

इन तीनों परियोजनाओं को मौजूदा वित्त वर्ष में शुरू करने का लक्ष्य है। हालांकि, इनके पूरा होने में अलग-अलग समय लग सकता है।

दिसंबर में शुरू होगा राजमहल पैलेस अंडरपास का काम
जयपुर के व्यस्त सरदार पटेल मार्ग पर राजमहल पैलेस अंडरपास का निर्माण दिसंबर 2026 में शुरू होने की संभावना है।

जेडीए अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना की टेंडर प्रक्रिया की तैयारी पूरी कर ली गई है। नवंबर में कार्यादेश जारी करने का लक्ष्य रखा गया है।

राजमहल पैलेस क्षेत्र में यातायात का दबाव पहले से अधिक रहता है। आने वाले समय में सिविल लाइंस रेलवे ओवरब्रिज शुरू होने के बाद इस मार्ग पर वाहनों की संख्या बढ़ने की संभावना है।

इसी को ध्यान में रखते हुए अंडरपास का निर्माण प्रस्तावित है, ताकि वाहनों की आवाजाही बेहतर हो सके और प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक का दबाव कम किया जा सके।

फरवरी 2027 में गोपालपुरा अंडरपास का निर्माण शुरू करने का लक्ष्य
जयपुर के गोपालपुरा बाईपास पर भी यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए नया अंडरपास बनाया जाएगा।

22 अक्टूबर को जयपुर विकास प्राधिकरण की प्रोजेक्ट्स वर्क कमेटी (PWC) की बैठक में इस परियोजना के लिए 47.87 करोड़ रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति दी गई।

प्रस्तावित अंडरपास त्रिवेणी आरओबी की ओर से भास्कर पुलिया तक के यातायात को सुगम बनाने में मदद करेगा। परियोजना के तहत चार लेन का अंडरपास तैयार किया जाना है।

जेडीए जनवरी 2027 की शुरुआत तक कार्यादेश जारी करने और फरवरी में निर्माण शुरू करने की तैयारी कर रहा है।

गोपालपुरा आरओबी से गुर्जर की थड़ी तक प्रस्तावित एलिवेटेड रोड के कारण भविष्य में इस क्षेत्र में ट्रैफिक का दबाव बढ़ सकता है। अंडरपास इसी दबाव को संभालने की योजना का हिस्सा है।

मार्च तक JLN मार्ग को सिग्नल-फ्री बनाने की दिशा में काम
जयपुर के सबसे महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल जवाहरलाल नेहरू मार्ग यानी JLN मार्ग को सिग्नल-फ्री कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की तैयारी भी तेज हो गई है।

जेडीए ने इस परियोजना की व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार करने के लिए कंसल्टेंसी नियुक्त की है। योजना का डिजाइन शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर ने तैयार किया है, जिसमें इंडियन रोड्स कांग्रेस से जुड़े विशेषज्ञों की भी भागीदारी रही है।

अधिकारियों को जनवरी 2027 की शुरुआत तक व्यवहार्यता रिपोर्ट मिलने की उम्मीद है। इसके बाद वित्तीय स्वीकृति और टेंडर प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।

जेडीए का लक्ष्य मार्च 2027 तक इस परियोजना का काम शुरू करना है। सिग्नल-फ्री व्यवस्था विकसित होने से वाहन चालकों को बार-बार ट्रैफिक सिग्नल पर रुकने की समस्या से राहत मिल सकती है।

आठ से बारह महीने तक चल सकता है दोनों अंडरपास का निर्माण
जेडीए अधिकारियों के मुताबिक, राजमहल पैलेस और गोपालपुरा अंडरपास परियोजनाओं पर एक साथ काम किया जाएगा। दोनों का निर्माण करीब आठ से बारह महीने तक चलने की संभावना है।

इस दौरान संबंधित मार्गों पर अस्थायी यातायात बदलाव की जरूरत पड़ सकती है। हालांकि, निर्माण के दौरान ट्रैफिक डायवर्जन का विस्तृत कार्यक्रम अभी सामने नहीं आया है।

दिसंबर से मार्च तक क्या है JDA का पूरा प्लान?
परियोजना – प्रस्तावित शुरुआत
राजमहल पैलेस अंडरपास, सरदार पटेल मार्ग – दिसंबर 2026
गोपालपुरा बाईपास अंडरपास – फरवरी 2027
JLN मार्ग सिग्नल-फ्री कॉरिडोर – मार्च 2027

ये निर्माण कार्य शुरू करने की संभावित तारीखें हैं, परियोजनाओं के पूरा होने की नहीं।

क्या जयपुर को ट्रैफिक जाम से मिल पाएगी मुक्ति?
जयपुर विकास प्राधिकरण की इन परियोजनाओं से शहर के प्रमुख यातायात मार्गों पर दबाव कम होने की उम्मीद है। हालांकि, ट्रैफिक व्यवस्था में वास्तविक सुधार निर्माण पूरा होने और नई व्यवस्थाओं के संचालन के बाद ही स्पष्ट होगा।

विशेषज्ञों के सामने एक महत्वपूर्ण सवाल यह भी है कि नए अंडरपास और एलिवेटेड रोड से वाहनों की आवाजाही तेज होने के बाद आसपास के चौराहों पर ट्रैफिक का दबाव कितना बढ़ेगा।

फिलहाल जेडीए की प्राथमिकता तय समय पर टेंडर और निर्माण प्रक्रिया शुरू करने की है। यदि परियोजनाएं निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ती हैं, तो आने वाले वर्षों में जयपुर की यातायात व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

By Deepak Arora

दीपक अरोड़ा एक मीडिया उद्यमी, डिजिटल रणनीतिकार और लेखक हैं। "दीपक की कलम से" के माध्यम से वे राजनीति, समाज, शिक्षा, मीडिया और समसामयिक मुद्दों पर अपने विचार और विश्लेषण पाठकों तक पहुँचाते हैं। उनकी लेखनी का उद्देश्य जागरूकता, संवाद और सकारात्मक सामाजिक चिंतन को बढ़ावा देना है।