ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi को ईरान आने का निमंत्रण भेजा है। यह निमंत्रण ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei के अंतिम संस्कार समारोह में शामिल होने के लिए दिया गया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमलों में हुई थी। इसके बाद उनका अंतिम संस्कार मार्च में किए जाने की योजना थी, लेकिन युद्ध और सुरक्षा परिस्थितियों के कारण कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया। अब ईरान ने अंतिम संस्कार की नई तारीखों का ऐलान किया है।
4 जुलाई से शुरू होंगे अंतिम संस्कार के कार्यक्रम
ईरानी मीडिया के मुताबिक, खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम 4 जुलाई 2026 से शुरू होंगे और 9 जुलाई 2026 को उनके गृहनगर मशहद में दफन के साथ समाप्त होंगे। 4 और 5 जुलाई को तेहरान स्थित इमाम खुमैनी ग्रैंड मोसल्ला में उनके पार्थिव शरीर को आम जनता के दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद 6 जुलाई को तेहरान में अंतिम यात्रा निकाली जाएगी, जबकि 7 जुलाई को पवित्र शहर क़ोम में विशेष श्रद्धांजलि समारोह आयोजित होगा। अंत में 9 जुलाई को मशहद स्थित इमाम रज़ा दरगाह में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
दुनिया भर के नेताओं को भेजे गए निमंत्रण
ईरान इस आयोजन को केवल एक धार्मिक या शोक समारोह के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता और संप्रभुता के प्रदर्शन के रूप में भी देख रहा है। इसी कारण दुनिया के कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों और शीर्ष नेताओं को निमंत्रण भेजे गए हैं। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी विशेष आमंत्रण भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।
2 करोड़ लोगों के शामिल होने का अनुमान
ईरानी प्रशासन का अनुमान है कि अंतिम संस्कार और उससे जुड़े कार्यक्रमों में करीब 2 करोड़ लोग शामिल हो सकते हैं। इसके मद्देनजर सुरक्षा, परिवहन और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। तेहरान समेत कई प्रमुख शहरों में विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं और राष्ट्रीय स्तर पर बड़े पैमाने पर आयोजन की तैयारी चल रही है।
1989 के बाद सबसे बड़ा आयोजन बनाने की तैयारी
ईरान इस कार्यक्रम को 1989 में हुए Ruhollah Khomeini के अंतिम संस्कार के बाद देश का सबसे बड़ा सार्वजनिक आयोजन बनाने की कोशिश कर रहा है। सरकार का मानना है कि यह आयोजन राष्ट्रीय एकजुटता और जनता के समर्थन का प्रतीक बनेगा। हालांकि, भारत सरकार की ओर से अभी तक यह आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस कार्यक्रम में व्यक्तिगत रूप से शामिल होंगे या भारत की ओर से कोई प्रतिनिधिमंडल भेजा जाएगा।
