वंदे मातरम् को लेकर देश में चल रहे सियासी विवाद के बीच कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने एक बार फिर अपनी बात साफ कर दी है। उन्होंने कहा कि वह अपने धर्म के अनुसार अल्लाह के अलावा किसी की वंदना या इबादत नहीं कर सकते। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वह वंदे मातरम् का कभी अपमान नहीं करेंगे। इमरान मसूद ने कहा कि संविधान उन्हें अपने धर्म के अनुसार पूजा और इबादत करने का अधिकार देता है। उनका कहना है कि कोई भी उनसे यह अधिकार नहीं छीन सकता।
‘वंदे मातरम् नहीं गाऊंगा, लेकिन सम्मान करूंगा’
कांग्रेस सांसद ने साफ कहा कि वह वंदे मातरम् नहीं गाएंगे, लेकिन जब यह गीत बजाया जाएगा तो उसके सम्मान में खड़े जरूर होंगे। उन्होंने कहा कि उनके लिए राष्ट्रगान का सम्मान सबसे ऊपर है और वह वंदे मातरम् का भी सम्मान करते हैं। मसूद ने यह भी कहा कि उन्हें अपनी देशभक्ति साबित करने के लिए किसी राजनीतिक दल के प्रमाण की जरूरत नहीं है। उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान जैसे मुद्दों को राजनीति के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के कार्यक्रमों में पहले भी वंदे मातरम् गाया जाता रहा है।
‘दिमागी नक्सलवाद’ वाले बयान पर भी बोले
इमरान मसूद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘दिमागी नक्सलवाद’ वाले बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बीजेपी पर धर्म के नाम पर लोगों को बांटने और नफरत फैलाने का आरोप लगाया। मसूद ने कहा कि धर्म का आधार प्रेम और सहिष्णुता है और किसी भी धर्म के नाम पर नफरत फैलाना सही नहीं है।
बता दें कि वंदे मातरम् को लेकर राजनीतिक बयानबाजी ऐसे समय में तेज हुई है, जब राष्ट्रीय गीत के सम्मान और इससे जुड़े प्रस्तावित कानून को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस जारी है। इमरान मसूद इससे पहले भी कह चुके हैं कि वह वंदे मातरम् का सम्मान करते हैं, लेकिन अपनी धार्मिक मान्यताओं के कारण इसे नहीं गाएंगे।
