KALMA: कलमा नहीं आता, तो मौत मिलेगी
पहलगाम आतंकी हमला, इस हमले के बारे में अबतक आप सब कुछ जान ही चुके होंगे, लेकिन ये आतंकी हमला कैसे हुआ, किसने किया इस आतंकी हमले में किसका हाथ था, सरकार इस हमले का कैसे जवाब देगी ये तो आपको हर जगह ही सुनने को मिल रहा होगा। और इस हमले में एक अहम बात भी सुनी होगी कि, आतंकियों ने पहले धर्म पूछा और धर्म, हिंदू बताते ही सीधा गोलियों से भून दिया। इसके अलावा बेगुनाह टूरिस्टों से कलमा पढ़ने को भी कहा गया कि, लेकिन अगर वे टूरिस्ट मुस्लमान होते तो कलमा पढ़ लेते, लेकिन हिंदू लोग कलमा के बारे में क्या जानें और कलमा नहीं पढ़ पाने की सजा थी मौत। अब सवाल ये उठता है कि, आखिर ये कलमा है क्या और कलमा नहीं पढ़ पाने की सजा मौत क्यों है? क्या वाकई ही कलमा नहीं पढ़ पाना कोई गुनाह है। आतंकी क्यों चाहते हैं कि, हिंदू कलमा पढ़े। क्या कलमा में ऐसा है कि जो कलमा ना पढ़ पाए, तो उसे गोलियों से भून दिया जाए, तो इसका जवाब है बिल्कुल नहीं ये वो दरिंदे थे जिन्होंने केवल धर्म और कलमा को हिंदू टूरिस्ट की मौत के लिए आधार बनाया।
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