"I will never forget Akhilesh's favor":फिर आया सुर्खियों मेंबृजभूषण शरण का बयान"I will never forget Akhilesh's favor":फिर आया सुर्खियों मेंबृजभूषण शरण का बयान

“I will never forget Akhilesh’s favor”:फिर आया सुर्खियों मेंबृजभूषण शरण का बयान

भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता, पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह (I will never forget Akhilesh’s favor) एक बार फिर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। एक पॉडकास्ट बातचीत में उन्होंने न सिर्फ लोकसभा का टिकट कटने को साजिश बताया, बल्कि अखिलेश यादव से अपने रिश्तों, 2029 के चुनाव की रणनीति, राम मंदिर उद्घाटन में न बुलाए जाने के दर्द और मौजूदा राजनीति पर खुलकर अपनी बात रखी।

 

बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उन्हें लोकसभा से जनता ने नहीं, बल्कि साजिश (I will never forget Akhilesh’s favor) के तहत हटाया गया। उनका कहना था कि उनका कार्यकाल पूरा नहीं हुआ और उन्हें अपमानित करके राजनीति से बाहर करने की कोशिश की गई। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर वे जीवित रहे तो एक बार फिर लोकसभा जरूर जाएंगे। उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनकी पहली कोशिश अपनी ही पार्टी भाजपा से चुनाव लड़ने की होगी, लेकिन अंतिम फैसला परिस्थितियों और जनता की इच्छा पर निर्भर करेगा।

अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर बृजभूषण ने कहा कि वह एक बार फिर जनता के बीच जाकर उस अपमान का जवाब देना चाहते हैं, जो उन्हें टिकट काटे जाने के दौरान सहना पड़ा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगर पार्टी उनके बेटे को टिकट देती है तो वह भी चुनाव लड़ेंगे, लेकिन उनकी व्यक्तिगत इच्छा यही है कि वे खुद एक बार फिर लोकसभा पहुंचें।

राम मंदिर उद्घाटन को लेकर बृजभूषण शरण सिंह (I will never forget Akhilesh’s favor) का दर्द भी इस बातचीत में सामने आया। उन्होंने कहा कि एक जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ नेता होने के बावजूद उन्हें राम मंदिर उद्घाटन का न्योता नहीं दिया गया, जिसका उन्हें हमेशा दुख रहेगा। उन्होंने इसे अपने साथ धोखा बताया और कहा कि यह अफसोस उनके जीवन भर रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि बाद में जब उन्हें दोबारा निमंत्रण मिला तो उन्होंने खुद हाथ जोड़कर मना कर दिया, क्योंकि वे अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं कर सकते।

राम जन्मभूमि आंदोलन का जिक्र करते हुए बृजभूषण (I will never forget Akhilesh’s favor) ने कहा कि जिन लोगों का इस आंदोलन में कोई योगदान नहीं था, उन्हें बुलाया गया, जबकि असली कारसेवकों को नजरअंदाज कर दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि फिल्मी सितारों को बुलाने का मंदिर निर्माण से क्या संबंध था। उनका कहना था कि राम मंदिर आंदोलन में उनका और विनय कटियार जैसे नेताओं का योगदान किसी से कम नहीं रहा। उन्होंने यह भी बताया कि अब तक वे रामलला के दर्शन के लिए नहीं गए हैं और जब जाएंगे तो आम श्रद्धालु की तरह लाइन में लगकर दर्शन करेंगे, किसी विशेष पास या सिफारिश का सहारा नहीं लेंगे।

 

अपने ऊपर लगे आरोपों और विवादों के दौर को याद करते हुए बृजभूषण शरण सिंह (I will never forget Akhilesh’s favor) ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब वे अपने जीवन के सबसे खराब दौर से गुजर रहे थे, तब अखिलेश यादव ने उनके खिलाफ एक शब्द भी नहीं बोला। उन्होंने इसे अहसान बताते हुए कहा कि वे इस एहसान को कभी नहीं भूल सकते। उन्होंने यह भी कहा कि उस समय मायावती, नीतीश कुमार और लालू यादव की पार्टियों ने भी उनके खिलाफ बयान नहीं दिए थे, लेकिन अखिलेश यादव की चुप्पी उन्हें आज भी याद है।

राहुल गांधी पर टिप्पणी करते हुए बृजभूषण (I will never forget Akhilesh’s favor) ने कहा कि राहुल गांधी व्यक्तिगत रूप से उनके निशाने पर नहीं हैं, लेकिन जब वह सेना और सनातन धर्म पर सवाल उठाते हैं तो एक आम नागरिक के तौर पर उन्हें पीड़ा होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के सलाहकार वामपंथी सोच के हैं और देश की जमीनी सच्चाइयों से कटे हुए हैं। बृजभूषण का कहना था कि इसी वजह से राहुल ऐसे मुद्दे उठाते हैं, जो देश के बजाय पाकिस्तान में ज्यादा पसंद किए जाते हैं।

पॉडकास्ट के दौरान बृजभूषण अपने पुराने और विवादित बयानों पर भी कायम दिखे। उन्होंने कहा कि आज भी लखनऊ में कई विधायक अपने काम निकलवाने के लिए अधिकारियों के पैर छूते हैं। उन्होंने इसे सामाजिक और सांस्कृतिक व्यवहार बताते हुए कहा कि कभी सजातीय होने के कारण, तो कभी उम्र में बड़े होने के कारण ऐसा किया जाता है।

बृजभूषण शरण सिंह ने यह भी बताया कि उनके यहां आयोजित होने वाली राष्ट्र कथा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को आमंत्रण भेजा गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आएंगे या नहीं, यह उनका निजी फैसला है, लेकिन उनका मन कहता है कि योगी आदित्यनाथ इस कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं।

चुनावी राजनीति को लेकर बृजभूषण (I will never forget Akhilesh’s favor) ने एक बार फिर दोहराया कि उन्हें जनता ने नहीं, बल्कि साजिश ने हटाया है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से वे दोबारा जनता के बीच जाएंगे और अपना पक्ष रखेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे किस सीट से चुनाव लड़ेंगे, यह जनता तय करेगी, लेकिन उनकी कोशिश यही रहेगी कि वे भाजपा से ही चुनाव लड़ें और अपने राजनीतिक सफर (I will never forget Akhilesh’s favor) को एक बार फिर लोकसभा तक पहुंचाएं।