I LOVE MAHAKAL: ‘आई लव मोहम्मद’ विवाद पर सख्त योगी सरकार
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में “आई लव मोहम्मद” (I LOVE MAHAKAL) को लेकर उपजे विवाद और उसके बाद हुए उग्र प्रदर्शनों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है। कानपुर, उन्नाव, मुरादाबाद, बरेली, मऊ सहित कई जिलों में मुस्लिम समुदाय की ओर से आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन और भड़काऊ नारों पर मुख्यमंत्री ने गहरी नाराजगी जताते हुए, पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि, उपद्रवियों के खिलाफ बिना किसी देरी के निर्णायक और कठोर कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार रात कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक (I LOVE MAHAKAL) में अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि, दशहरा बुराई और आतंक के अंत का पर्व है, और इसी भावना के अनुरूप अब ऐसे तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अब और इंतजार करने की आवश्यकता नहीं है… यही समय है, यही सही समय है।

योगी ने कहा कि, ये उग्र प्रदर्शन और नारेबाजी प्रदेश के शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ने की एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा हैं, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे सभी मामलों में तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए और आयोजन के पीछे जो भी मास्टरमाइंड (I LOVE MAHAKAL) हैं, उनकी पहचान कर उनकी संपत्ति तक की जांच की जाए। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि इन जुलूसों और प्रदर्शनों के नाम पर अराजकता फैलाने वाले तत्वों को सरकार पूरी तरह से कुचल देगी।
समीक्षा बैठक के दौरान मेरठ और संभल जिलों में हाल ही में हुई एसिड अटैक की घटनाओं पर भी मुख्यमंत्री ने गंभीर चिंता जताई। इसके अलावा छेड़खानी और चेन स्नैचिंग (I LOVE MAHAKAL) की घटनाओं पर भी मुख्यमंत्री ने नाराजगी प्रकट की। उन्होंने पुलिस विभाग को निर्देशित किया कि ऐसे मामलों में थाना स्तर से लेकर पीआरवी (पुलिस रिस्पांस व्हीकल) तक सभी की जवाबदेही तय की जाए।
मुख्यमंत्री ने आगामी गरबा और डांडिया कार्यक्रमों के दौरान असामाजिक तत्वों द्वारा ‘बहरूपियों’ (I LOVE MAHAKAL)के रूप में घुसपैठ को रोकने के निर्देश दिए और कहा कि आयोजकों के साथ समन्वय बनाकर कार्यक्रमों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जाए।

शारदीय नवरात्र (I LOVE MAHAKAL) के साथ शुरू हुए मिशन शक्ति 5.0 की प्रगति पर संतोष जताते हुए मुख्यमंत्री ने महिला अपराधों पर त्वरित कार्रवाई और दोषियों को सजा दिलाने के लिए प्रभावी पैरवी पर जोर दिया। उन्होंने सभी एडीजी जोन को निर्देश दिए कि दशहरा के बाद थानावार समीक्षा कर छेड़खानी, चेन लूट और एसिड अटैक जैसी घटनाओं की रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान किसी भी असामाजिक तत्व को प्रदेश में अशांति फैलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिए कि सोशल मीडिया की निगरानी कड़ी की जाए, वीडियो फुटेज की जांच की जाए और एक-एक उपद्रवी को चिन्हित कर उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए। उन्होंने अपराधियों के विरुद्ध राज्य सरकार की “जीरो टॉलरेंस” नीति को फिर से दोहराया और कहा कि हर नागरिक की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने सिद्धार्थनगर, महराजगंज, बस्ती और प्रयागराज जैसे जिलों में ड्रोन के माध्यम से रेकी और चोरी की अफवाहों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अफवाह फैलाने वालों को चिन्हित कर तत्काल गिरफ्तारी की जाए और पुलिस द्वारा लगातार गश्त की जाए। इसके अतिरिक्त, चौकीदारों की सक्रियता बढ़ाने पर भी बल दिया गया जिससे असत्य और भ्रामक सूचनाओं से जनता आतंकित न हो।

इंटरनेट मीडिया पर भ्रामक सूचनाओं की रोकथाम के लिए भी लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे झूठ और अफवाहों का स्रोत जल्द से जल्द पकड़ा जाए और उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
इसके अलावा मुख्यमंत्री योगी ने गो-तस्करी के मामलों में भी कड़ी कार्रवाई (I LOVE MAHAKAL) के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी एसपी औचक निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करें कि बूचड़खाने केवल निर्धारित मानकों के अनुरूप ही संचालित हों। किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि स्थानीय स्तर पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए दुर्गा पूजा समितियों (I LOVE MAHAKAL) के साथ निरंतर संवाद किया जाए। प्रतिमाओं की ऊंचाई निर्धारित सीमा से अधिक न हो और नदी में जलस्तर अधिक होने की स्थिति में विसर्जन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। साथ ही, रावण दहन जैसे बड़े आयोजनों में भी सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए।

